एक ही दिन में आठ आरोपियों ने 313 के तहत हुए बयान में किया खुलासा।

सभी आरोपियों ने सीआरपीसी की धारा 313 के तहत एक ही बयान दिए कि उनके खिलाफ यह केस पूरी तरह झूठा बनाया गया है। आईपीएस अधिकारियों ने नेताओं को खुश करने, नजदीकियां बनाने और विरोधी आईपीएस से दुश्मनी निकालने के लिए अपनी मर्जी से यह झूठा केस बनाया है। इस केस से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। हमें केस में झूठा फंसाया गया है। आरोपियों ने कोर्ट में कहा कि आईपीएस अधिकारियों के नेताओं को खुश करने की होड़ में उनके सभी काम करवाने में आईपीएस अधिकारियों का तो कुछ नहीं बिगड़ता, खामियाजा अधिनस्थ पुलिसकर्मी भुगतते हैं।
सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में दर्ज एफआईआर ही फर्जी है
इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान ने सीआरपीसी की धारा 313 के तहत कोर्ट में बयान दिए कि सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में दर्ज एफआईआर मेरी नहीं है, यह पूरी तरह फर्जी और झूठी है। मैंने कभी इस केस में रिपोर्ट या एफआईआर नहीं दी, एफआईआर गुजराती में टाइप है, जिस पर मेरे कहीं हस्ताक्षर भी नही हैं। इस केस में किसी ने मेरे नाम का गलत उपयोग किया है। मामले में दर्ज एफआईआर का मुझसे कोई संबंध नहीं है।
इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान ने कोर्ट को बताया कि अनुसंधान एजेंसी ने भी मुझे इस केस में फंसाने के लिए झूठे सबूत और गवाह तैयार किए। सीबीआई ने न सिर्फ पब्लिक के झूठे गवाह तैयार किए, बल्कि उनके झूठे बयान भी लिखे। हद तो यह हुई कि सीबीआई ने पुलिसकर्मियों को भी डरा-धमका कर टॉरचर कर मेरे खिलाफ बयान देने पर मजबूर किया। सीबीआई ने पुलिस डीएसपी रणविजय सिंह, हिम्मत सिंह, भंवर सिंह हाड़ा और एडिएसपी सुधीर जोशी को डरा-धमकाकर टॉरचर किया और मेरे खिलाफ सीआरपीसी की धारा 164 के तहत झूठे बयान करवाए थे।
गौरतलब है कि खुद इन पुलिसकर्मियों ने भी गत महीनों में ट्रायल के दौरान कोर्ट में हुई पेशी में इस बात का खुलासा किया था कि सीबीआई ने इसी केस में गिरफ्तार करने की धमकी देकर और टॉरचर कर झूठे बयान दिलवाए थे।
मंगलवार को अदालत का समय समाप्त होने के कारण अब्दुल रहमान के बयान पूरे नहीं हो सके। शेष बयान बुधवार को होंगे।
9 में से सिर्फ 1 ने कहा वे लाएंगे डिफेंस के गवाह
मंगलवार को पूरे दिन में 8 और इससे पहले सोमवार को 1 आरोपी के कोर्ट में 313 के तहत बयान हुए थे। हर एक गवाह के हुए अलग अलग बयान के बाद जज ने सभी से पूछा कि क्या वे डिफेंस में कोई गवाह लाना चाहते हैं। इस पर 8 आरोपियों ने तो इनकार कर दिया, इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान ने कहा कि वे डिफेंस में गवाह बुलाएंगे।
हर आरोपी से किए गए 440 सवाल
मंगलवार पूरे दिन में आठ आरोपियों के धारा 313 के तहत कोर्ट में अलग-अलग बयान हुए। सभी आरोपियों से कोर्ट में 440 सवाल पूछे गए, जिनका उन्होंने जवाब दिया। कुछ जवाब तो आरोपी पहले से तैयार कर लाए थे। गौरतलब है कि सीबीआई की ओर से पूरी ट्रायल में 210 गवाह पेश किए थे। जिन पर से जज ने 440 सवालों की प्रश्नावली तैयार की है। सभी आरोपियों से ये 440 प्रश्न पूछे जा रहे हैं।


