
गौरतलब है कि तीन दिन पहले सीपी जोशी ने उमा, साध्वी ऋतंभरा और मोदी की जाति को लेकर विवादित बयान दे दिया था। इसके बाद से कांग्रेस पदाधिकारियों और प्रत्याशियों को जनसभाओं में कई जगह निंदा का पात्र होना पड़ा है। राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर सीपी जोशी के बयान पर माफी मांगी थी और नसीहत दी है कि धर्म-जाति से संबंधित कोई बयान न दें।
एक वोट से हार चुके हैं नाथद्वारा सीट से सीपी जोशी
नाथद्वारा सीट से सीपी जोशी पहले भी चुनाव में एक वोट की हार से इतिहास रच चुके है। 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में सीपी जोशी नाथद्वारा प्रत्याशी थे। तब भाजपा से कल्याण सिंह प्रत्याशी थे। कल्याण सिंह के सामने सीपी जोशी को मात्र एक वोट से हारना पड़ा था। 2008 के बाद पार्टी ने सीपी जोशी को फिर एक बार नाथद्वारा से प्रत्याशी घोषित किया है। ऐसे में इस बार का चुनाव सीपी के लिए उनके राजनीतिक करियर और अपनी ताकत बताने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।


