दो दिवसीय अखिल भारतीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव।

उद्घाटन किया।
विमानपत्तन निदेशक ने बताया कि कार्यशाला में भाग लेने के लिए देश के विभिन्न हवाई अड्डो से अधिकारी उदयपुर आए हैं। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में होने वाली चर्चाओं और प्रजेंटेशन्स से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अधिकारियों के ज्ञान और कार्य की गुणवत्ता का विकास होगा।
उदयपुर हवाई अड्डे के सीएनएस प्रभारी योगेश कुमार भोजक ने बताया कि इस कार्यशाला में देश के हवाई अड्डों पर वायु यातायात के लिए संस्थापित संचार, दिकचालन एवं निगरानी उपकरणों का आकाशीय बिजली, सर्च इत्यादि से बचाव पर चर्चा की गई। कार्यशाला में इस हेतु बचाव उपकरणों के लिए निर्धारित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मानदंड, उनकी विशेषताएं, भारतीय विमापत्तन प्राधिकरण में प्रचलित विभिन्न नीतियां एवं नियमों के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर क्षेत्रीय मुख्यालय नई दिल्ली से आए सीएनएस के संयुक्त महाप्रबंधक एसआर महतो ने विभिन्न हवाई अड्डों पर हुई घटनाओं एवं बचाव प्रावधानों से जुड़े अनुभव साझा किए। निगमित मुख्यालयए नई दिल्ली से आए सीएनएस संयुक्त महाप्रबंधक राजेश सिन्हा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मुंबई से आए सीएनएस के संयुक्त महाप्रबंधक पाणिग्रही ने लाइटनिंगए सर्ज एवं ट्रांजियंट के सिद्धांतों पर विस्तार से जानकारी दी।
वैशाली सिंह ने विभिन्न हवाई अड्डों पर आकाशीय बिजली से हुए नुकसान और उनके समाधानो पर चर्चा। नई दिल्ली से आए संयुक्त महाप्रबंधक एसके शर्मा ने आकाशीय बिजली से बचने के लिए उपयोग में आने वाली प्रणालियों का विवरण दिया और उनके उपयोग व उपायों पर चर्चा की। कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय के सहायक व्याख्याता डॉ. नवीन जैन ने इलेक्ट्रॉनिक्स औद्योगिक क्षेत्र में हुए विकास एंड रिसर्च पर व्याख्यान दिया। सहायक महाप्रबंधकए उदयपुर मांगीलाल लोहार ने लाइटनिंग प्रोटक्शन सिस्टम पर जानकारी दी।


