
बता दें कि यह निर्णय आमजनता के लिए बड़ी राहत भरा साबित होगा। आए दिन होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के चलते नेटबंदी के निर्णय से आमजनता खफा थी, व्यापारी तो इसके खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका तक लगाने पर विचार करने लगे थे।
गौरतलब है कि पुलिस और प्रशासन ने यह ट्रेंड बना लिया था कि कोई भी छोटी-बड़ी परीक्षा आती तो ब्लू टूथ के जरिए नकल नहीं हो, इसलिए पूरे जिले, संभाग और राज्य में परीक्षा केन्द्रों से संबंधित क्षेत्रों का इंटरनेट बंद कर देते थे। अधिकतर परीक्षाओं में पूरे शहर की इंटरनेट सेवाएं बंद हो जाती थी। इससे आमजनता जिसका परीक्षा से कोई लेना-देना नहीं, उसे मानसिक और आर्थिक हानि झेलनी पड़ती थी। पुलिस ने हाल ही कांस्टेबल और एसआई भर्ती परीक्षा में ही जिलेभर का इंटरनेट बंद किया था। इससे पहले भी जिले में कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं के चलते इंटरनेट बंद हो चुका है।


