
हिरणमगरी थानाधिकारी राजेश कुमार यादव ने बताया कि निजी अस्पताल में मेल नर्स है। इसके ऊपर 50,000 रुपये से ज्यादा कर्जा है। कर्ज चुकाने के लिए पैसे नही थे, तो उसने सोचा कि लूट के नाम से लोगों की सिमपेथी हासिल कर लूंगा और कह दूंगा कि रुपये लूट में चले गए, इससे समय मिल जाएगा। यह सोच कर मनोज ने पूरी कहानी रच ली।
मनोज की गढ़ी कहानी के तहत वह रात को घबराया हुआ थाने आया कि थाने पर रिपोर्ट दी कि वह एटीएम से 60 हजार रुपये निकाल कर बाहर आया था, तभी स्कूटी पर आए 3 नकाबपोश बदमाश उसका रुपयों का भरा बैग लूट ले गए। उसने विरोध किया तो हाथ पर चाकु मार दिया और रुपये लूट ले गए। लूट असली दिखे इसके लिए युवक ने ब्लेड से खुद के हाथ पर कुछ कट भी लगाए।
सीसीटीवी से पकड़ आया
पुलिस नर बताया कि रिपोर्ट मिलते ही टीम ने पूरा रुट चार्ट बनाया जिससे युवक निकला था। पूरे रास्ते मे लगे सीसीटीवी फुटेज चेक किये, कहीं भी युवक के बताए अनुसार स्कूटी सवार युवक नहीं दिखाई दिए। युवक की बात पर संदेह होने पर पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच्चाई उगल दी।

