एसपी ने कहा चेन स्नेचिंग के घटनाक्रम पर निर्भर करती है धारा

बदमाश बेखौफ होकर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में महिलाओं के साथ चेन स्नेचिंग कर रहे हैं और पुलिस के लिए यह लूट नहीं हैं, बल्कि बल प्रयोग कर की गई चोरी है। जबकि यह एक ऐसा अपराध है जो महिलाओं में सड़क पर चलने में भी एक खौफ पैदा करता है।
: रविवार शाम दो घंटे के अंतराल में बाइक सवार बदमाशों ने शहर के मुख्य क्षेत्र में महिलाओं के साथ चेन स्नेचिंग की। पहली घटना हिरणमगरी थाना के पास सेक्टर 6मेन रोड पर हुई। महिला शाम 6 बजे सेक्टर 6 मेन रोड से गुजर रही थी, तभी पीछे से बाइक सवार बदमाश आए और गले पर झपट्टा मारकर सोने की चेन लूट कर ले गए।
: इसके ठीक दो घंटे बाद बदमाशों ने रात 8बजे भूपालपुरा थाना क्षेत्र के अशोका बेकरी के पास जनता मार्ग आरएमवी रोड निवासी हरिता पत्नी हरि सिंह भाटी के साथ चेन स्नेचिंग की। हरिता रात आठ बजे अशोका बेकरी के पास से गुजर रही थीं, तभी पीछे से बाइक पर आए दो बदमाश अचानक गाड़ी हरिता के पास लाए और गले पर झपट्टा मारकर चेन लूट कर ले गए। हरिता ने शोर मचाया, लेकिन बदमाश चंद सैकंड में गलियों से होते हुए आंखों से ओझल गए।
खासबात यह है कि दोनों थानों में ही लूट के यह मामले आईपीसी की धारा 356और 379 में दर्ज हुए हैं। वकील मनीश शर्मा ने बताया कि धारा 379 कोई सामान किसी की अनुपस्थिति में चोरी कर ले जाने के आरोप में लगती है और धारा 356 भी आरोपी के चोरी करने के लिए किए गए बल प्रयोग पर लगती है। चेन स्नेचिंग लूट का मामला है।
एडीजी चेन स्नेचिंग को मानते है लूट
गौरतलब है कि पूर्व एसपी अजयपाल लांबा चेन स्नेचिंग के मामलों को लूट की धारा 392 में दर्ज करवाते थे, ताकि बदमाशों पर नियंत्रण किया जा सके और उन्हें सख्त से सख्त सजा मिल सके।
गत एसपी राजेन्द्र प्रसाद गोयल के समय भी उनके शुरूआती कार्यकाल में कुछ एसएचओ ने चेन स्नेचिंग के मामलों को आईपीसी की धारा 356 में दर्ज किया था,हालां कि जब मामला एसपी के ध्यान में आया तो उन्होंने एसएचओ को पाबंद किया कि चेन स्नेचिंग स्पष्ट रूप से लूट है, ऐसे में इन मामलों को लूट की धारा में दर्ज किया जाए।
पूर्व में पुलिस विभाग के सीआईडी सीबी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पीके सिंह से हुई बातचीत में भी उन्होंने यही बताया था कि चेन स्नेचिंग के मामला लूट की श्रेणी में आता है, क्यों कि इसमें बदमाश महिला पर हमला कर उसके गले से चेन तोड़कर लूटता है और कई बार महिला को इसमें चोट तक लग जाती है। यह मामले आईपीसी की धारा 392 में ही दर्ज होने चाहिए।
वर्तमान एसपी कुंवर राष्ट्रदीप का चेन स्नेचिंग के मामलों में कहना है कि यह आईपीसी की धारा 356 का ही अपराध है। किसी भी अपराध की धारा उसके घटनाक्रम पर निर्भर करती है। चेन स्नेचिंग में महिला को किसी तरह से डराया-धमकाया नहीं जाता और न ही रोक कर उसे कोई हथियार दिखाकर चेन लूटी जाती है। अगर बदमाश ने महिला का रास्ता रोका हो, उसे हथियार दिखाकर चेन तोड़ी हो तो वह लूट है, लेकिन इन मामलो में महिला जा रही होती है, बदमाश अचानक आता है, बिना कोई डर बताए उसके गले पर झपट्टा मार चेन तोड़ ले जाता है, इस प्रकार के घटनाक्रम के लिए आईपीसी में धारा 356 का प्रावधान है।
धारा 356 और 392 में अंतर
धारा 356 चोरी के लिए किया गया बल प्रयोग है। इसके तहत आरोप साबित होने पर बदमाश को दो वर्ष के कारावास की सजा ही हो सकती है।
धारा 392 लूट के मामले इसी धारा के तहत दर्ज होते हैं और आरोप साबित होने पर बदमाश को इसमें दस वर्ष के कारावास होने का प्रावधान है।


