जयपुर। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव लडने के इच्छुक कार्यकर्ताओं के लिए गाइड लाइन तय कर दी है। भाजपा ने जिलाध्यक्षों के बाद अब चुनाव कार्य से जुडे कार्यकर्ताओं के चुनाव लडने पर भी रोक लगा दी है। भाजपा नेतृत्व चाहता है कि जिलाध्यक्ष एवं चुनाव कार्य से जुडे कार्यकर्ता चुनाव नहीं लडे। जिससे चुनाव में संगठन का काम प्रभावित नहीं हो।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर सोमवार को आयोजित चुनाव व्यवस्था समिति की बैठक में नेशनल जनरल सेक्रेट्री मुरलीधर राव ने साफ कर दिया कि समिति के सदस्य चुनाव नहीं लडेंगे। अगर कोई सदस्य चुनाव लडना चाहता है तो वह पहले खुद को समिति से अलग कर ले। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में 26 सितम्बर को प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इस मीटिंग में शाह ने निर्देश दिए थे कि पार्टी जिलाध्यक्ष चुनाव नहीं लडेंगे। अगर कोई जिलाध्यक्ष चुनाव लडना चाहता है तो उसे पहले अपने पद से इस्तीफा देना होगा। जिलाध्यक्षों के बाद अब पार्टी ने चुनाव व्यवस्था समिति के सदस्यों के चुनाव लडने पर रोक लगा दी है।
गौरतलब है कि प्रदेश भाजपा के आधा दर्जन जिलाध्यक्ष विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे है। जयपुर जिले के दोनों जिलाध्यक्ष विधानसभा चुनाव लड रहे है। जिलाध्यक्षों को पूरा ध्यान चुनाव की तैयारी पर है। ऐसे में पार्टी की चुनाव पूर्व तैयारी प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि भाजपा ने जिलाध्यक्षों के चुनाव लडने पर रोक लगाई। इसी प्रकार चुनाव से जुडी विभिन्न समितियों के सदस्यों के कारण चुनाव कार्य प्रभावित नहीं हो। इसके लिए यह कदम उठाया गया है।
प्रदेश में विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही भाजपा की ओर से नए नए फरमान सामने आ रहे है जिस तरह से जिलाध्यक्ष चुनाव नही लड सकते है उसी तरह अब भाजपा में चुनाव व्यवस्था समितियों में लगे नेता भी चुनाव नही लड सकेगे। सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में भाजपा विधानसभा चुनाव व्यवस्था समिति की बैठक का आयोजन किया गया।
चुनाव व्यवस्था समिति की बैठक मे मुरलीधर राव ने साफ कहा कि चुनावों की व्यवस्थाओं के लिए बनने वाली किसी भी समिति का सदस्य चुनाव नही लड सकेगे। जिनको चुनाव लडना है, वे अभी ही इन समितियों से अपना नाम हटा ले। बैठक के बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिए कमेटी की मीटिंग आयोजित की गई। चुनाव के लिए 32 प्रकार की कमेटी का गठन किया गया है। विधानसभा चुनावों के लिए विधानसभा क्षेत्रो वाइज भी चुनाव समिति बनाई जाएगी। ये समिति प्रदेश चुनाव समिति को रिपोर्ट पेश करेगी।

