लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ में शनिवार तड़के प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी, एप्पल के एक सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की पुलिस सिपाही प्रशांत कुमार और संदीप ने गोली मारकर हत्या कर दी। विवेक के आफिस में मोबाइल फ़ोन लॉन्चिंग का कार्यक्रम था। वे कार्यक्रम से लौट रहे थे।
मृतक के परिजनों ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। इसके अलावा परिजनों ने विवेक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने और आर्थिक सहायता के 1 करोड़ रुपये देने की मांग भी की है।
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जरूरत पड़ी तो पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जाएगी। पूरे मामले के संबंध में डीजीपी को निर्देश दिया गया है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओम प्रकाश सिंह ने विवेक हत्याकांड को लेकर बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और बर्खास्त कर दिया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि रात करीब 1.30 बजे लखनऊ के गोमती नगर इलाके में मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास सिपाही प्रशांत और संदीप गश्त कर रहे थे। लड़की को साथ देखकर सिपाहियों ने विवेक की एसयूवी कार को रोकना चाहा। इतनी रात को इशू होता इस डर से विवेक ने कार रोकी नहीं। इस पर कांस्टेबलों ने उनकी कार का पीछा किया और कार के आगे बाइक लगाकर सामने से विवेक को गोली मार दी। गोली विवेक के सिर में लगी और उसकी वहीं मौत हो गयी। यह देख कर दोनों सिपाही मौके से फरार हो गए।
पत्नी को कहा सना को घर छोड़ कर आता हूं, लेकिन नहीं लौटे विवेक
परिजनों ने बताया कि विवेक के आफिस में मोबाइल फ़ोन लॉन्चिंग का कार्यक्रम था। कार्यक्रम देर रात तक चला। इसके बाद वे सहकर्मी के साथ स्टोर चेक करने गए। इस सब में रात के करीब 1 बज गए थे। इसके बाद विवेक ने पत्नी को फ़ोन कर बताया था कि सहकर्मी सना साथ मे है, काफी रात हो गयी है तो उसे उसके घर छोड़ने जा रहा हूं, कुछ देर में घर आ जाऊंगा। विवेक की पत्नी ने बताया कि पुलिस ने उन्हें मार दिया। वे नहीं लौट पाए।

