एसपी ने लेटर में लिखा कि मैंने इस केस का न तो अनुसंधान नहीं किया है, मुझे केस के बारे में जानकारी नहीं है।
बयान देने न तो सोहराबुद्दीन का भाई नयाबुद्दीन पहुंचा, न ही उदयपुर गैंगस्टर आजम।

गवाहों के पेशियों पर नहीं आने, सीबीआई के समन तामील नहीं करा पाने और ट्रायल को लेकर सीबीआई के रवैये पर कोर्ट ने सीबीआई के एसपी सहित पीपी, अनुसंधान अधिकारी पर तल्ख टिप्पणी की। बुधवार को न्यायाधीश ने गवाहों की सूची को देखने के बाद दोबारा रीव्यू करने के आदेश कर सीबीआई एसपी को तलब किया था। सीबीआई एसपी ने गुरूवार को स्पेशल पीपी बीपी राजू के जरिए कोर्ट को लेटर भेजा, जिसमें उसने लिखा था कि उसने इस केस का अनुसंधान नहीं किया है, ऐसे में उसे केस के बारे में जानकारी नहीं है। इस लेटर पर आज न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाह ही सीबीआई के कंटोल में नहीं है, सीबीआई का रवैया यह है कि गवाहों के बयान करवाने, उन्हें समन तामील करवाने के लिए कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। एसपी सीबीआई का यहां हैड है, वही सीबीआई के लिए जवाबदार है, लेकिन उसने ही लेटर भेजकर जवाबदारी और जिम्मेदारी से पीछा छुड़ाने की कोशिश की है। आजम के लिए उन्होंने एसपी उदयपुर को समन तामील के आदेश दिए है।
वाट्स-एप पर भेजे समन, नवम्बर से अब तक नहीं आए पेशी पर
शुक्रवार को कोर्ट में सोहराबुद्दीन के भाई नयाबुद्दीन के बयान होने थे और 6 अगस्त को रूबाबुद्दीन के बयान तारीख है। नयाबुद्दीन के बयान देेने कोर्ट नहीं आने पर सीबीआई अनुसंधान अधिकारी विश्वास मीना ने कोर्ट को एक रिपोर्ट सौंपी। जिसमें बताया कि विश्वास मीना खुद नयाबुद्दीन के गांव झिरनिया गए थे। वहां संबंधित थाने पर गए और थाने के फोन से ही नयाबुद्दीन को फोन किया और बताया कि उसके खिलाफ जमानती वारंट है। वारंट तामील करने के लिए उससे मिलना है। लेकिन नयाबुद्दीन ने कहा कि वह गांव में नहीं है, हमने उससे उसकी लोकेशन या वह कहां मिल सकता है, के बारे में पूछा तो उसने यह भी नहीं बताया और कि अगली बार आएं।
इसके बाद विश्वास मीणा ने रूबाबुद्दीन को समन तामील कराने के लिए फोन किया तो उसने भी यही जवाब दिया जो नयाबुद्दीन ने दिया था। इस पर सीबीआई ने दोनों को उनके मोबाइल नंबर पर समन, वारंट वाट्स-एप कर दिए। इस रिपोर्ट के बाद कोर्ट ने नयाबुद्दीन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया और 10 अगस्त की तारीख दी है। 10 अगस्त तक सीबीआई नयाबुद्दीन को कोर्ट लेकर आएगी या फिर रिपोर्ट देगी कि गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद सीबीआई ने नयाबुद्दीन को यहां तक लाने में क्या-क्या काम किए।
ट्रायल शुरू होने पर पहले विटनेस थे नयाबुद्दीन और रूबाबुद्दीन
विश्वास मीना की रिपोर्ट पर कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए लिखा कि रिपोर्ट के अनुसार गवाह (नयाबुद्दीन) पेशी पर आना टाल रहा है। उसे नवंबर 2017 से अब तक तलब किया गया, लेकिन वह नहीं आ रहा है और छुप रहा है। ऐसे में उसके खिलाफ गिरफ्तरी वारंट जारी किया जाता है।


