AR Live News
Advertisement
  • Home
  • About us
  • National
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • Uttar Predesh
  • Gujarat (Hindi)
  • International
  • Expert Articles
  • Education
  • Entertainment
  • Youtube
  • Photo Gallery
  • Contact us
No Result
View All Result
  • Home
  • About us
  • National
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • Uttar Predesh
  • Gujarat (Hindi)
  • International
  • Expert Articles
  • Education
  • Entertainment
  • Youtube
  • Photo Gallery
  • Contact us
No Result
View All Result
AR Live News
No Result
View All Result
Home Mewar

सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर : एडि.एसपी जोशी आखिर क्यों कोर्ट में बयान देने से बच रहे हैं, पांचवीं बार भी बयान देने नहीं पहुँचे मुम्बई कोर्ट

arln-admin by arln-admin
July 6, 2018
Reading Time: 1 min read
सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर : 12 सालों में 11 मुख्य गवाह, पुलिस अधिकारी, जेलर, जज की हो चुकी है मौत….


Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp
क्यों कोर्ट को भेजी गलत जानकारी, छुट्टी पर हैं तो क्यों वीआईपी बंदोबस्त ड्यूटी में होने का मैसेज करवाया।

सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में शुक्रवार को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में एडि.एसपी सुधीर जोशी सहित चार गवाहों के बयान होने थे। लेकिन जोशी इस बार भी पांचवीं बार आई पेशी पर कोर्ट नहीं पहुंचे। उन्होंने सीबीआई के सरकारी वकील बीपी राजू के जरिए कोर्ट को मैसेज करवाया कि वे वीआईपी बंदोबस्त ड्यूटी पर हैं, इसलिए पेशी पर नहीं आ सके। जबकि अधिकृत जानकारी के अनुसार सुधीर जोशी छुट्टी पर हैं। 
ऐसे में सवाल ये उठता है कि वेआखिरकार पेशी पर बयान देने मुंबई कोर्ट क्यों नहीं पहुंच रहे हैं? उन्होंने छुट्टी पर होने के बावजूद कोर्ट को वीआईपी बंदोबस्त ड्यूटी में होने की गलत जानकारी क्यों दी?  5 जुलाई को जयपुर में डीआईजी इंटेलीजेंस हिंगलाज दान के बयान होने थे, लेकिन जयपुर में होने वाली पीएम विजिट के चलते वे नहीं आ सके। ऐसे में कोर्ट ने हिंगलाज दान और सुधीर जोशी दोनों को अगली तारीख 2 अगस्त दी है।
135 में से 84 हुए होस्टाइल
केस में ट्रायल शुरू होने से अब तक135 गवाह हो चुके है। चौकाने वाली बात यह है कि इनमें 84 होस्टाइल हुए हैं। इन गवाहों ने सीबीआई की चार्जशीट में बताई कहानी को सपोर्ट नहीं किया। कुछ गवाह तो कोर्ट में बयान देने पहुँचे, तो उन्होंने सीबीआई पर पूर्व में डरा-धमकाकर बयान लेने तक के आरोप लगाए हैं। 
जोशी इससे पहले चार बार पेशियों पर नहीं पहुंचे

: फरवरी में सुधीर जोशी के मुंबई कोर्ट में बयान होने थे। लेकिन किसी कारण वश कोर्ट की ओर से ही सभी तारीखें आगे बढ़ा दी गई थीं। तब अगली तारीख मार्च में दी गई।

: 13 मार्च को सुधीर जोशी के बयान होने थे, लेकिन वे इस बार भी नहीं पहुंचे और कोर्ट को सीबीआई के जरिए कारण बताया कि जिले में पद्मावत फिल्म को लेकर विरोध प्रदर्षन चल रहे हैं। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने में उनकी ड्यूटी है तो वे नहीं आ सकेंगे। इसके बाद कोर्ट ने अगली तारीख अप्रेल में दी थी।

: 5 अप्रेल को सुधीर जोशी की बयानों की तारीख पेशी थी। इस बार भी वे नहीं अाए थे। उन्होंने सीबीआई के जरिए कोर्ट को सूचित किया था कि जिले में एससी-एसटी वर्ग के लोगों की ओर से रिजर्वेशन को लेकर आंदोलन चल रहे हैं, जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने में उनकी ड्यूटी है तो वे नहीं आ सकेंगे। अगली तारीख जून में दी थी।

: 5 जून को सुधीर जोशी को मुंबई सीबीआई कोर्ट में बयान देने पहुंचना था। लेकिन उन्होंने कोर्ट को मैसेज करवाया कि वे हॉस्पिटलाइज्ड हैं। मेडिकल लीव पर हैं, इसलिए नहीं आ सके। उन्होंने कोर्ट से निवेदन किया था कि अगले महीने तारीख दी जाए। इस पर कोर्ट ने 6 जुलाई तारीख दी थी।

गवाह ने कहा जोशी मेेरे बड़े भाई के दोस्त हैं, उन्हें एक व्यक्ति का पता करवाया था

मुंबई की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में शुक्रवार को भीलवाड़ा के दीपक अग्रवाल, अंबाजी गुजरात के गोविंद भाई बंजारा और मोहनलाल बंजारा के बयान हुए। बयानों के बाद एक-एक कर सीबीआई ने तीनों को ही होस्टाइल घोषित किया।

: दीपक अग्रवाल ने बताया कि पुलिस अधिकारी सुधीर जोशी मेरे बड़े पंकज के दोस्त हैं। नवंबर 2005 में जोशी ने मुझे एक व्यक्ति के बारे में पता करने का मैसेज किया था। मैंने पता कर उन्हें सूचना दी थी। 29 नवंबर 2005 को सुधीर जोशी टीम के साथ भीलवाड़ा आए थे, मैं उन्हें उस घर तक ले गया, जिसका उन्होंने मैसेज किया था। मैं मेरी बाइक पर था, उन्हें घर दिखाने के बाद मैं वहां से लौट आया। अगले दिन न्यूज पेपर से पता कि मैंने जो घर बताया था, वहां से पुलिस ने कुख्यात बदमाश तुलसी को गिरफ्तार किया है।

: मोहन लाल और गोविंद भाई तुलसी के शव की पहचान के समय बने पंचनामा के गवाह हैं। दोनों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें कोई शव नहीं दिखाया गया था और न ही वे हॉस्पिटल गए थे। गोविंद भाई ने कोर्ट में कहा अंबाजी में मेरा खाने का होटल है। मुझे पुलिस ने थाने बुलाया था और वहां कुछ पंचनामा के दस्तावेजों पर साइन करवाए थे। उनमें क्या लिखा था, यह पता नहीं था। वहीं मोहनलाल ने कोर्ट को बताया कि उसे पुलिस ने बस स्टैंड के टैक्सी स्टैंड पर बुलाया था। वहां कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए थे। मैं पुलिस के साथ कहीं नहीं गया था।

Tags: encountersohrabuddinसोहराबुद्दिनसोहराबुद्दिन एनकाउंटर

visitors

arlivenews
  • Home
  • About us
  • National
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • International
  • Expert Articles
  • photo gallery
  • Entertainment
  • Privacy Policy
  • Archives
  • Contact us

© 2019 All Rights Reserved by ARLive News .

error: Copy content not allowed
No Result
View All Result
  • Home
  • About us
  • National
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • Uttar Predesh
  • Gujarat (Hindi)
  • International
  • Expert Articles
  • Education
  • Entertainment
  • Youtube
  • Photo Gallery
  • Contact us

© 2019 All Rights Reserved by ARLive News .