मृतकों में 7 महिलाएं भी, सभी राजस्थानी, आंख और मुंह पर बंधी थी पट्टी।
दिल्ली के बुराड़ी इलाके में रविवार को एक घर में 11 लोगों के मृत पाए गए। सभी के शव घर मे पड़े जाल में लगे फंदे में लटके मिले और एक बुजुर्ग महिला का शव जमीन पर था। हैरानी वाली बात यह है कि सभी के मुंह और आंखों पर पट्टी बंधी हुई थी।
पड़ोसियों की सूचना पर पहूंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस पड़ताल कर पहले यह तय करने का प्रयास कर रही है कि ये हत्या है या सामूहिक आत्महत्या। पुलिस ने सभी शवों के पोस्टमार्टम करवा दिए है। एफएसएल जांच करवाई गई है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। परिवार मूलतः राजस्थान का निवासी बताया जा रहा है।
पुलिस से बताया कि मरने वालों में भी मृतक राजस्थान के बताए जा रहे हैं। मरने 7 महिलाएं और 4 पुरुष हैं। मृतकों में नारायण 75 साल, प्रतिभा 60 साल, नारायण की बेटी भूपी 46 साल, नारायण का बेटा स्वाति 42 साल, भूपी की पत्नी ललिता 42 साल, नारायण का बेटा टीना 38 साल, ललित की पत्नी प्रियंका 30 साल, प्रतिभा की बेटी नीतू 24 साल, भूपी की बेटी मीनू 22 साल, भूपी की बेटी 17 साल और बेटा धीरु 16 साल के शव घर में मिले हैं।
पड़ोसियों ने बताया कि राजस्थान का यह परिवार 22-23 साल से दिल्ली के बुराड़ी के संत नगर के गली नंबर 24 में गुरुद्वारे के पास स्थित घर में रहता था। परिवार की दूध और प्लाईवुड की दुकान है। एक किराणे की भी दुकान है। पड़ोसियों के मुताबिक परिवार काफी धार्मिक था। इनका एक सदस्य ललित पिछले पांच सालों से मौन धारण किए हुए था।
शनिवार को रात करीब पौने 12 बजे परिवार ने दुकान बंद की थी। सुबह जब आस-पास के लोग जगे। दुकान पर दूध लेने पहुंचे। दुकान बंद थी लेकिन घर का दरवाजा खुला हुआ था। पड़ोंसियों को कुछ गड़बड़ लगा।
लोगों ने घर के अंदर देखा तो उनकी आंखें फटी रह गई। सामने पूरा परिवार मृत पड़ था। 10 लोगों के शव रस्सी से जाल में लटके हुए थे। एक बुजुर्ग महिला का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। शवों के मुंह और आंखों पर पट्टी बंधी थी।
चित्तौड़गढ़ रहता है एक बेटा
इस परिवार में बुजुर्ग महिला नारायण का एक बेटा चित्तौड़गढ़ में रहता है। वो सिविल कांट्रेक्टर है।



