सोहराबुद्दीन तुलसी एनकाउंटर केस में मंगलवार को मुंबई की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में 3 गवाहों के बयान होने थे। संबंधित तीनों गवाह कोर्ट पहुंचे भी, हालांकि न्यायाधीश का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण उन्होंने आकस्मिक तौर पर सभी पेशियां 2 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी हैं।
मंगलवार को ड्राइवर महिपाल सिंह, एफएसएल जांच करने वाले साइंटिस्ट हंसमुख लाल मोदी और डॉक्टर मनीष भाई के बयान होने थे। इन तीनों के ही बयान इस पूरे घटनाक्रम के लिए बहुत मायने रखते हैं।
अहम है तीनों गवाह
: सीबीआई चार्जशीट के अनुआर तुलसी के ट्रैन के डिब्बे से फरार होने के बाद जीआरपी हिम्मतनगर ने राजस्थान पुलिस के लिए जिस गाड़ी की व्यवस्था की थी, महिपाल सिंह उस गाड़ी का ड्राइवर था।
हालांकि कि दो दिन पहले हुई पेशी में गाड़ी की व्यवस्था करने वाला जीआरपी कांस्टेबल होस्टाइल हो चुका है। उसने राजस्थान पुलिस टीम के लिए कोई भी गाड़ी की व्यवस्था करने या किसी महिपाल सिंह को जानने से ही इनकार कर दिया था।
: तुलसी ट्रेन के जिस डिब्बे से भागा था, घटना के बाद उस डिब्बे की एफएसएल जांच हंसमुख लाल मोदी ने की थी।
: तुलसी के साथियों ने उसे भगाने के दौरान जिन पुलिस कर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाला था, उन पुलिस कर्मियों का मेडिकल डॉक्टर मनीष भाई ने किया था।


