आशीष पंड्या ने ही किया था एनकाउंटर टीम का नेतृत्व
मुम्बई। सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर केस में गुरुवार को मुंबई की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में हुए तत्कालीन एसआई कांजी जडेजा के बयानों से खुलासा हुआ कि तुलसी के एनकाउंटर से दो दिन पहले आईपीएस डीजी बंजारा ने अर्जेंट में आशीष पंड्या से बात की थी। खास बात है कि इसके बाद ही छुट्टियाें पर चल रहे पंड्या की छुट्टियां निरस्त हुई थीं और दो दिन बाद ही आशीष के नेतृत्व में टीम ने मौके पर रहकर तुलसी का एनकाउंटर किया था। कांजी के बयानाें की गवाह मेघजी भाई माहेश्वरी ने भी पुष्टि की है।
जडेजा के इन बयानों से बरी हो चुके गुजरात आईपीए डीजी बंजारा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बंजारा को मुंबई की सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने 2015 में बरी कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ सोहराबुद्दीन के भाई रुबाबुद्दीन ने हाईकोर्ट में अपील की हुई है। यह याचिका हाईकोर्ट में पेंडिंग चल रही है।
बंजारा अर्जेंट में आशीष से संपर्क करना चाहते थे
तत्कालीन एसआई कांजी जडेजा ने बताया कि वह दिसंबर 2006 में बॉर्डर रेंज भुज के डीआईजी कार्यालय में एसआई था। उस समय डीआईजी डीजी बंजारा थे। 25 दिसंबर 2006 को मुझे डीजी बंजारा ने बुलाया और कहा कि पालनपुर एसओजी एसआई आशीष पंड्या से फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे में तुम तुरंत उसके गांव मेघपुर जाओ और आशीष पंड्या से मेरी फोन पर बात करवाओ। इस पर मैंने मेघपुर के रहने वाले हेडकांस्टेबल मेघजी भाई माहश्वेरी से संपर्क किया और किसी इंस्पेक्टर की निजी कार की व्यवस्था की। 25 दिसंबर को ही मैं हेडकांस्टेबल माहेश्वरी के साथ आशीष पंड्या के गांव पहुंचा और पूछते-तलाशते उसके घर तक पहुंचा। वहां आशीष की पत्नी और पिता मिले। पूछने पर पता चला कि आशीष कहीं गया हुआ है, कब आएगा पता नहीं। इस पर हमने आशीष के पिता को मैसेज दिया कि डीआईजी डीजी बंजारा आशीष से अर्जेंट में बात करना चाहते हैं, तो वह उनको फोन कर ले। मैसेज देकर हम दोनों वापस लौट आए और डीजी बंजारा को सारी बात बता दी।
आशीष के नेतृत्व की टीम ने किया था एनकाउंटर
सीबीआई चार्जशीट के अनुसार उन दिनों आशीष पंड्या छुट्टियाें पर चल रहा था और गांव गया था। 25 दिसम्बर 2006 को बंजारा से बात होने के बाद ही आशीष पंड्या की अचानक सभी छुट्टियां निरस्त हो गईं थी और अगले ही दिन उसने ड्यूटी जॉइंन कर ली थी। इधर 26 दिसंबर 2006 को साबरमती में हुई कोर्ट पेशी से लौटते समय 26-27 दिसंबर 2006 की मध्यरात्री ही तुलसी राजस्थान पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था। 28 दिसंबर की सुबह 5 बजे तुलसी एनकाउंटर में मारा गया था। एनकांटर टीम का नेतृत्व आशीष पंड्या ने मौके पर रहकर किया था।
एसपी अग्रवाल के आदेश पर जलाया गया था छुट्टियाें का रिकॉर्ड
पुलिस विभाग में जरूरत खत्म होने पर संबंधित जिले के एसपी के आदेश पर कई रिकॉर्ड जला कर निस्तारित कर दिए जाते हैं। खासबात यह है कि आशीष पंड्या के छुट्टियाें का यह रिकॉर्ड तुलसी एनकाउंटर इनवेस्टिगेशन के दौरान ही तत्कालीन एसपी विपुल अग्रवाल के आदेश पर खत्म करने जला दिया गया था।



