मामले में आरोपी बचे एक मात्र आईपीएस विपुल अग्रवाल को ट्रायल से पहले चार्ज फ्रेम पर स्टे मिल गया था।
मुंबई। सोहराबुद्दिन-तुलसी एनकाउन्टर केस में मंगलवार को मुम्बई में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सीबीआई के सरकारी वकील को निर्देश दिए कि वे मामले में आरोपी गुजरात आईपीएस विपुल अग्रवाल के ट्रायल पर लगे स्टे की वर्तमान स्थिति पता कर अवगत कराएं। कोर्ट ने कहा कि 1 फरवरी के बाद से अब तक विपुल अग्रवाल की हाईकोर्ट में लगी स्टे एप्लीकेशन पर अगली तारीख नहीं आई है और हाईकोर्ट की वेबसाइट पर इसमें स्टे नहीं दिख रहा है। कोर्ट ने सरकारी वकील और सोहराबुद्दीन के भाई रूबाबुद्दीन के वकील से कहा कि ट्रायल पर स्टे है या नहीं यह पता कर कोर्ट को अवगत कराएं। विपुल अग्रवाल और उनके वकील दोनों में से कोई भी यहां ट्रायल के दौरान कोर्ट में उपस्थित नहीं रहते है, अगर स्टे नहीं है और वे लगातार अनुपस्थित होते हैं तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया जा सकता है।
हाईकोर्ट के आदेश में 1 फरवरी तक का ही स्टे था
: सेशन कोर्ट से डिस्चार्ज एप्लीकेशन खारिज होने के बाद विपुल अग्रवाल ने 10 नवंबर 2017 को हाईकोर्ट में डिस्चार्ज एप्लीकेशन लगाई थी।
: 13 नवंबर को इस पर सुनवाई कर हाईकोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए मामले में 4 दिसंबर 2017 तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए थे और इस तारीख तक ही चार्ज फ्रेम करने पर स्टे दिया था।
: 4 दिसंबर 2017 को याचिका की सुनवाई कर इस आधार पर 10 जनवरी की अगली तारीख दी थी कि सीबीआई को नोटिस नहीं मिला था। ऐसे में 10 जनवरी तक रजिस्ट्री में एक्स्ट्रा काॅपी जमा करने के लिए विपुल अग्रवाल के वकील को निर्देश दिए थे।
: 10 जरवरी 2018 हाईकोर्ट में जज ने इसे नोट बिफोर मी किया था, इससे केस दूसरी बैंच में चला गया था। जज ने सुनवाई की अगली तारीख 1 फरवरी दी गई थी और आदेश में यह भी स्पष्ट किया था कि अंतरित रोक या स्टे इस अगली तारीख तक प्रभावी होगा।
एक मात्र आईपीएस जिसके ट्रायल पर स्टे
सोहराबुद्दीन-तुलसी एनकाउंटर में गुजरात के तत्कालीन बनासकांठा एसपी व वर्तमान आईजी विपुल अग्रवाल के अलावा आरोपी बनाए गए सभी आईपीएस ट्रायल कोर्ट से बरी हो चुके हैं। 38 आरोपियों की लिस्ट में 23 आरोपी ही बचे थे। मामले की ट्रायल 29 नवंबर 2011 से शुरू हुई थी। मामले में बतौर आरोपी बचे एक मात्र आईपीएस विपुल अग्रवाल को ट्रायल शुरू होने से पहले ही चार्ज फ्रेम पर स्टे मिल गया था। इस पूरे एनकाउंटर केस में विपुल अग्रवाल एक मात्र आरोपी हैं जिनके ट्रायल पर स्टे हुआ और वे टायल फेस नहीं कर रहे हैं। बाकि सभी 22 आरोपी ट्रायल फेस कर रहे है।