विज्ञापनों और करोडों रूपयों के लिए देश को साम्प्रदायिकता की आग में झोंकने को तैयार हो गए मीडिया संस्थान एक पत्रकार होने के नाते मीडिया इंडस्ट्री का यह खुलासा सबके सामने रखने में कुछ तकलीफ हो रही है। लेकिन मीडिया इंडस्ट्री का यह चेहरा देश वासियों के सामने लाना जरूरी है। ताकि देश और देशवासी समझ सकें कि मीडिया में हर चीज जो दिखाई जा रही है वह सच नहीं होती। और हर निर्णय सोच-समझ कर लें।
कोबरा पोस्ट का स्टिंग आॅपरेशन 136 की दूसरी कडी में देश की कई नामचीन मीडिया संस्थान का खुलासा किया है, जो विज्ञापनों और रूपयों के लिए न सिर्फ सत्ताधारी दल के लिए चुनावी माहौल तैयार करने को राजी है, बल्कि देश में साम्प्रदायिकता का माहौल बनाने को भी तैयार हैं। इस स्टिंग आॅपरेशन में जो भी खुलासे हुए वे न सिर्फ शर्मनाक थे, बल्कि यह हालात स्पष्ट करते दिखे कि देश को दुश्मनों से नहीं, बल्कि रखवालों से खतरा है।
कोबरा पोस्ट के इस स्टिंग आॅपरेषन में उन्होंने देश में सबसे ज्यादा पढे जाने वाले हिंदी, अंग्रेजी भाषा में आने वाले नेशनल और रीजनल न्यूज पेपर, सबसे ज्यादा देखे जाने वाले नेषनल न्यूज चैनल, एफएम रेडियो को शामिल किया था, जो देश के युवा को दिशा और बौद्धिक दष्टिकोण देते हैं।
इस स्टिंग आॅपरेशन कोबरापोस्ट के पत्रकार पुष्प शर्मा श्रीमद भगवत गीता प्रचार समिति, उज्जैन का प्रचारक बनकर और खुद का नाम आचार्य छत्रपाल अटल बताकर किया। मीडिया मालिकों और पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान उन्हें भरोसे में लेने के लिए अपना अखिल भारतीय चरित्र पेश किया। मीडिया संस्थाओं के पदाधिकारियों से कहा कि वे संगठन के आदेश पर आने वाले चुनावों में सत्ताधारी पार्टी की स्थिति को मजबूत करने गुप्त मिशन पर निकले हुए र्हैं। मिडिया संस्थाओं के मालिकों से जो बात हुई, वह चौंकाने वाली थी और उनका इन बातों पर तैयार होना और भी बडा झटका देने वाला है।
चुनाव से कुछ महीने पहले ये यह माहौल मीडिया संस्थान बनाना शुरू कर देंगें। इसमें इसे एक अभियान के तहत लिया जाएगा और स्टेप बाय स्टेप खबरें प्रकाषित और न्यूज चेनल पर एपीसोड के जरिए चलाई जाएंगी।
- पहला चरण: मीडिया संस्थान अभियान के शुरूआत में हिंदुत्व का प्रचार करेगा। इसमें धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए हिंदुत्व का बढावा दिया जाना था।
- दूसरा चरण: दूसरे चरण में देश के सत्ताधारी पार्टी के हिंदूवादी नेताओं की छवि रखने वाले नेताओं के भाषणों को प्रमुखता बढावा दिया जाकर सांप्रदायिक तौर पर मतदाताओं को जुटाने के लिए अभियान खडा किया जाएगा। साम्प्रदायिकता लाने के लिए इसका जिक्र ऐसे किया जाएगा कियुवा मतदाताओं का ध्यान बेरोजगारी या अन्य विकास मुद्दों पर नहीं जाए।
- तीसरा चरण: यह तब शुरू होगा जब चुनाव नजदीक होंगे। इसमें राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को टारगेट बनाया जाएगा और विपक्षी पार्टी के नेताओं को पप्पू, बुआ, बबुआ कहकर जनता के सामने पेष किया जाएगा, ताकि जनता इन्हें गंभीरता से ले।
- चैथे चरण: मीडिया संस्थाओं को यह अभियान उनके पास उपलब्ध सभी प्लेटफाॅर्म जैसे प्रिंट, इलेक्टाॅनिक्स, रेडियो, डिजिटल, ई-न्यूज, पोर्टल, वेबसाइट के साथ-साथ सोषल मीडिया पर भी चलाना होगा।

