
दो गुटों के बीच हुए संघर्ष के पीछे संघर्ष राजकीय सम्प्रेक्षण गृह के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही का खुलासा भी हुआ है। बाल अपचारियों का आरोप है कि सीनियर बंदी उनके नाजुक अंगों के साथ छेड़छाड़, अश्लील हरकतें कर यौन उत्पीड़न करते हैं। एक सीनियर बंदी तो जेल के बाहर से 20 रुपये का गांजा लाकर 100 रुपये में अन्य बंदियों को बेचता है।
नाबालिगों के साथ बाल सुधार गृह में हो रहे उत्पीड़न के विरोध में बंटे दो गुटों में शनिवार शाम को मारपीट हुई थी। इसमें कुछ के चोट आई थी तो इन्हें उपचार के लिए ले जाया गया। रविवार को जैसे ही घायल अपचारी अंदर पहुँचे, माहौल फिर गर्मा गया और दोनों गुट आपस में भीड़ गए। किशोरों के बीच हो रहे खूनी संघर्ष देखकर स्टाफ भाग छूटा और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर जिलाधिकारी पुलकित खरे, एसपी विपिन कुमार मिश्रा सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने सभी बंदियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया इनमें से 5 की हालत गम्भीर बताई जा रही है।

