
यह देश का पहला 14 लेन का एक्सप्रेस-वे है। जिसके तहत 14 लेन वाले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की लागत 842 करोड़ रुपये है। पूरी परियोजना की लागत 7,500 करोड़ रुपये है।
पीएम मोदी ने फ़िलहाल दिल्ली खंड का उद्घाटन किया है। इस दौरान पीएम मोदी ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के मॉडल को भी देखा। उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे।
पीएम मोदी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करने के तुरंत बाद जीप पर सवार होकर रोड शो के लिए निकल पड़े।
रोड शो के दौरान मोदी के साथ नितिन गडकरी भी दूसरी जीप में थे । सड़क के दोनों ओर प्रशंसकों और भाजपा कार्यकर्ता खड़े थे । पीएम दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निजामुद्दीन-यूपी बार्डर खंड पर रोड शो कर रहे थे ।
यह परियोजना 82 किलोमीटर की है जिसमें पहले 27.74 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे 14 लेन का है जबकि शेष एक्सप्रेसवे 6 लेन का है। इस हाईवे पर 2.5 मीटर का साइकिल ट्रैक भी बनाया गया है।
रोड शो के दौरान दिन में भी NH-9 पर लाइटें जली हुई थी । यह सब जांच के मद्देनजर किया गया, ताकि लाइटों-बिजली संबंधी कमियों को दूर किया जा सके। देश के सबसे चौड़े इस एक्सप्रेस-वे पर बीच में 6 लेन का एक्सप्रेस वे है और दोनों तरफ 4 लेन के हाईवे होंगे, ताकि शहर के ट्रैफिक को बाहर से आने जाने वाले ट्रैफिक से अलग किया जा सके। इस एक्सप्रेस वे का पहला चरण करीब 9 किलोमीटर का है, जिसमें यमुना पुल पर वर्टिकल गार्डेन और सड़कों पर सोलर लाइट भी लगी हैं। सड़क के किनारे 40,000 पौधे भी लगाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद पांच नवंबर 2015 को इस परियोजना के लिए आधारशिला रखी थी। 18 महीने के रिकॉर्ड समय में दिल्ली खंड का निर्माण हुआ है। 842 करोड़ रुपये की लागत से वाला यह देश का पहला राजमार्ग है जहां सौर बिजली से सड़क रोशन होगी। इसके अलावा प्रत्येक 500 मीटर पर दोनों तरफ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था होगी। साथ ही इसमें 36 राष्ट्रीय स्मारकों को प्रदर्शित किया जाएगा तथा 40 झरने होंगे। इस एक्सप्रेस वे पर 8 सौर संयंत्र हैं जिनकी क्षमता 4 मेगावाट है।
इस एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली की व्यवस्था है। यह परियोजना चार खंडों में बनाई जा रही है, जो कि मार्च 2019 तक पूरी तरह से पूरी की जाएगी। एक्सप्रेस वे के चार सेगमेंट – निजामुद्दीन ब्रिज से यूपी बॉर्डर, यूपी बॉर्डर से डासना, डासना से हापुड़, हापुड़ से मेरठ मार्च 2019 तक पूरे जाएंगे।
रोड शो से वापस लौटने के बाद वे हेलीकाप्टर के जरिए बागपत के लिए रवाना हो गये ।
जहाँ प्रधानमंत्री मोदी 11 हजार करोड़ की लागत से बने ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे (कुंडली-गाजियाबाद-पलवल) का उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित किया ।
देश का पहला ग्रीन और स्मार्ट एक्सप्रेस वे है जो हरियाणा, यूपी के 6 बड़े शहरों को आपस में जोड़ेगा । करीब 11,000 करोड़ रुपये की लागत से बने 135 किमी लंबे एक्सप्रेसवे से कुंडली और हरियाणा के पलवल के बीच यातायात का समय चार घंटे से कम होकर 72 मिनट हो जाएगा। एक्सप्रेस वे के साथ आठ सौर ऊर्जा संयंत्र बने हैं, जिनकी क्षमता 4 मेगावाट है । एक्सप्रेसवे की मजबूती के लिए 200 टन स्टील का इस्तेमाल हुआ है।
पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर करीब 2.5 लाख पौधे लगाए गए है, इरीगेशन ड्रिप तकनीक की मदद से इन्हे पानी दिया जाएगा।
पीएम मोदी के स्वच्छ अभियान को ध्यान में रखते हुए हर 2.5 किलोमीटर की दूरी पर टॉयलेट्स बनाए गए हैं।
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राज्यपाल रामनाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर मौजूद रहेंगे।
इस एक्सप्रेस-वे से दिल्ली-एनसीआर में शामिल उप्र के बागपत, गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर तथा हरियाणा के सोनीपत, फरीदाबाद व पलवल जनपद जुड़े हैं। यह सोनीपत के कुंडली से पलवल तक 135 किमी लंबा है। इस पर मल्टीपल एंट्री व एग्जिट प्वाइंट बनाए गए हैं। सात इंटरचेंज हैं। अधिकतम स्पीड 120 किमी प्रति घंटे रखी गई है। इससे दिल्ली से रोज करीब 52 हजार वाहनों का भार कम होगा।

