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मानसून मेवाड़ से भी विदा, राजस्थान के सभी हिस्सों से हुई मानसून की वापसी : झीलें रह गई खाली, छलकने की उम्मीदें भी रह गई अधूरी

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उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज 3 अक्टूबर 2026 को मेवाड़ समेत राजस्थान के सभी हिस्सों से विदाई ले ली है। मौसम विभाग ने राजस्थान से मानसून की वापसी की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस साल मानसून की विदाई सामान्य तिथि से करीब तीन दिन देरी से पूरी हुई। राजस्थान सहित देश के कुछ अन्य प्रदेशों से भी मानसून विदा हो गया है। | Monsoon Withdrawl from Mewar udaipur | latest news Monsoon udaipur

मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में मानसून की वापसी की शुरुआत 19 सितंबर 2026 को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से हुई थी। इसके बाद मानसून धीरे-धीरे पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान से भी पीछे हटता गया और 3 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से इसकी विदाई हो गई। | Monsoon Withdraws from Mewar udaipur | Southwest Monsoon 2026 has officially withdrawn from Mewar udaipur division and all parts of Rajasthan

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस साल 2 जुलाई 2026 को राजस्थान में प्रवेश किया था। इससे पहले मानसून के जून के तीसरे सप्ताह के आसपास राजस्थान पहुंचने का अनुमान था, लेकिन इसके आगमन में देरी हुई।

देश में भी मानसून की शुरुआत सामान्य समय से कुछ दिन पीछे रही। केरल में मानसून ने 4 जून 2026 को दस्तक दी थी। राजस्थान पहुंचने के बाद भी कई चरणों में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर और असमान बनी रहीं।

पूरे मानसून सीजन में मेवाड़ के कई हिस्सों में बारिश के अलग-अलग दौर देखने को मिले, लेकिन बारिश का वितरण समान नहीं रहा। कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जबकि अधिकांश इलाकों में अपेक्षित बारिश नहीं हुई।

सावन के दौरान तेज और लगातार बारिश की उम्मीद थी, लेकिन मानसून की सक्रियता कमजोर रही। इस कारण मेवाड़ के कई क्षेत्रों में कुल मौसमी बारिश और जलस्रोतों में पानी की आवक उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई।

कमजोर और असमान मानसूनी बारिश का असर उदयपुर की झीलों और जलस्रोतों पर भी दिखाई दिया। पिछोला और फतहसागर झील के कैचमेंट क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से झीलें खाली रह गई है।

उदयपुर की प्रमुख झीलों के अलावा कई तालाबों और बांधों में भी पानी का स्तर उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ पाया। यही वजह है कि मानसून की विदाई के साथ ही आगामी गर्मी में पेयजल उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। आने वाले महीनों में बारिश की कमी वाले क्षेत्रों में भूजल स्तर में भी कमी आएगी।

राजस्थान से मानसून के पूरी तरह विदा होने के बाद अब जलस्रोतों में उपलब्ध पानी और आगामी गर्मी के लिए जल प्रबंधन महत्वपूर्ण होगा। उदयपुर सहित मेवाड़ में पेयजल के साथ-साथ सिंचाई व्यवस्था पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

आने वाले महीनों में बारिश की कमी वाले क्षेत्रों में भूजल स्तर, बांधों में उपलब्ध पानी और शहरी पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर विशेष निगरानी की जरूरत होगी।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (7073401584 – 9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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