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उदयपुर की झीलों के भरने की अब उम्मीदें कम, कैचमेंट के बांध भी खाली

Udaipur lakes Fateh Sagar and Pichola water level september 2026Udaipur lakes Fateh Sagar and Pichola water level september 2026

देवेंद्र शर्मा,एआर लाइव न्यूज,उदयपुर। इस साल मानसून ने उदयपुर ही नहीं मेवाड़ के अधिकांश भागों को निराश ही किया है। सबसे बड़ी चिंता झीलों को लेकर है और मानसून की चाल को देखते हुए अब इस मानसून सीजन में उदयपुर की फतहसागर, पिछोला और अन्य प्रमुख झीलों के भरने की उम्मीदें बहुत कम है। इस स्थिति में आने वाले समय में पेयजल संकट और सिंचाई संकट की स्थिति भी बनती नजर आने लगी है। अब मानसून के विदा होने का समय भी आ गया है। इससे चिंता ज्यादा बढ़ गई है। अब कोई चमत्कार ही उदयपुर की झीलों को भर पाएगा। | Udaipur lakes water level

उदयपुर की पहचान फतहसागर झील की भराव क्षमता 13 फीट है, जबकि वर्तमान जलस्तर करीब 6 फीट है। यानी झील अभी भी आधे से ज्यादा खाली है। झील से शहरी क्षेत्र में नियमित पेयजल वितरण के लिए पानी का उठाव होने से जलस्तर में कमी आ रही है। दूसरी तरफ मानसून सीजन में भी पानी की आवक नहीं हो रही। यह कहीं न कहीं आने वाले समय में पेयजल संकट की स्थिति बनने का संकेत माना जा सकता है। | Udaipur lakes water level |

पिछोला में भी उम्मीद के मुताबिक पानी नहीं

शहर की पिछोला झील की भराव क्षमता 11 फीट है और वर्तमान जलस्तर करीब 7.1 फीट है। इन दिनों सीसारमा नदी में करीब पांच इंच पानी का बहाव बना हुआ है, लेकिन इस बहाव से पिछोला के पूरी तरह भरने की संभावना कम है।

पिछोला को भरने वाले आकोदड़ा, मादड़ी और देवास प्रथम बांध भी काफी खाली पड़े होने से जलसंसाधन विभाग उस स्थिति में भी नहीं है कि उन बांधों का पानी उदयपुर लाकर यहां की झीलों को लबालब कर पाए।

उदयपुर की झीलों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कैचमेंट क्षेत्र में स्थित जलाशयों में भी इस बार पानी की स्थिति संतोषजनक नहीं है। बड़ी तालाब, मदार बड़ा और मदार छोटा भी पूरी तरह नहीं भर पाए हैं।

इसी तरह मानसी वाकल बांध और जयसमंद झील में भी इस मानसून सीजन में अपेक्षा के अनुरूप पानी की आवक नहीं हुई है। इससे उदयपुर के जलस्रोतों को लेकर चिंता बढ़ गई है।

मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में पश्चिमी हवाएं प्रभावी हैं। जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के अधिकांश भागों में आगामी चार दिनों तक कमजोर मानसून की प्रबल संभावना जताई गई है।

वहीं पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में आगामी पांच दिनों तक कमजोर मानसून रहने की संभावना है। हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 12 सितंबर से हल्की से मध्यम बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है।

उदयपुर के लिए यह बारिश कितनी प्रभावी होगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल झीलों और कैचमेंट बांधों की स्थिति को देखते हुए उदयपुर की प्रमुख झीलों के पूरी तरह भरने के लिए अच्छी और व्यापक बारिश की जरूरत है।

उदयपुर की प्रमुख झीलों और बांधों की वर्तमान स्थिति

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