उदयसागर झील पेटे में डाला गया लाखों टन मलबा
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। उदयसागर झील पेटे में डाले गए लाखों टन अवैध भराव मामले में जल संसाधन विभाग ने प्रतापनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवा दी है। एफआईआर झील पेटे से संबंधित नामजद काश्तकारों \भूस्वामियों\ खातेदारों और भराव डालने वाले लोगों के खिलाफ हुई है। | Udaipur Udaysagar Lake illegal filling | Udaysagar Lake illegal filling FIR
झील में भराव डालने का मामला उजागर होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने पनवाड़ी क्षेत्र में उदयसागर का मौका निरीक्षण किया गया। जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता,कनिष्ठ अभियंता की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि झील के एफटीएल क्षेत्र में डाले गए भराव की स्थिति देखी। इसके बाद जलसंसाधन विभाग ने प्रतापनगर थाने में संबंधित लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दी है। प्रतापनगर थानाधिकारी अजय सिंह राव ने बताया कि जल संसाधन विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार एफआईआर दर्ज की गयी है। जांच के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का कहना है कि उदयसागर डेम के निर्धारित जलभराव क्षेत्र और जल संग्रहण क्षमता को कम करने वाला इस प्रकार का भराव गंभीर प्रकृति का है तथा सिंचाई कार्य एवं जल निकाय के हितों को प्रभावित करता है। | Udaysagar Lake illegal filling FIR
निरीक्षण टीम को देखकर कार लेकर भाग गए कुछ लोग
विभाग की ओर से थाने में दर्ज करायी एफआईआर में बताया है कि मौके के निरीक्षण के दौरान एक ब्रेजा कार आयी थी। वाहन में दो व्यक्ति सवार थे। निरीक्षण दल को देखकर वाहन बिना रुके वहां से चला गया। टीम ने वाहन का पीछा किया, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका और तेज गति से मौके से निकल गया।
जल संसाधन विभाग की ओर से दी गयी रिपोर्ट में उक्त कार और कार में सवार दोनों व्यक्तियों और उनकी भराव डालने में भूमिका की जांच के लिए भी कहा गया है। जांच में संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

राजस्व रिकॉर्ड से भूमि मालिकों की जानकारी जुटाई
जल संसाधन विभाग ने बताया कि राजस्व विभाग से मौके पर किए गए मिट्टी भराव से संबंधित भूमि के खसरा नंबर और भूमि काश्तकारों का विवरण प्राप्त किया गया है। पटवारी की मौका रिपोर्ट, संबंधित भूमि काश्तकारों का विवरण और मौके के फोटोग्राफ पुलिस को उपलब्ध कराए गए है।
उदयसागर की जल क्षमता को लेकर बढ़ी चिंता
उदयसागर सिंचाई सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण जल स्रोत है। ऐसे में झील क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अनधिकृत भराव जल संग्रहण क्षमता को प्रभावित कर सकता है। अब पुलिस जांच और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि भराव डालने वाले कौन लोग है और किस मंशा से झील पेटे में लाखों टन भराव डाला गया। इसमें संबंधित काश्तकारों, खातेदरों और अन्य लोगों की क्या भूमिका रही यह भी पुलिस जांच का विषय रहेगा।
मुख्य बातें:
- जल संसाधन विभाग ने प्रतापनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
- एफआईआर में झील पेटे से जुड़े नामजद काश्तकारों और भराव डालने वालों को शामिल किया गया है।
- पनवाड़ी क्षेत्र के निरीक्षण में एफटीएल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी/मलबे का भराव पाया गया।
- निरीक्षण दल को देखकर एक ब्रेजा कार में सवार दो व्यक्ति मौके से भाग गए। उनकी भूमिका की भी जांच होगी।
- राजस्व विभाग से खसरा नंबर और भूमि काश्तकारों का विवरण जुटाकर पुलिस को उपलब्ध कराया जा रहा है।
- पुलिस जांच में दोष या संलिप्तता सामने आने पर काश्तकारों, खातेदारों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।
- मुख्य चिंता यह है कि अवैध भराव से उदयसागर की जल संग्रहण क्षमता और सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
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