80 से अधिक चिकित्सकों को मिली हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (पीएमसीएच), उदयपुर के कान, नाक एवं गला रोग (ईएनटी) विभाग की ओर से ‘यूस्टेशियन ट्यूब बैलून डाइलेशन’ विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 80 से अधिक ईएनटी विशेषज्ञों, फैकल्टी सदस्यों और पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। | PMCH Udaipur Eustachian Tube Balloon Dilation Workshop
कार्यशाला का उद्देश्य कान से जुड़ी गंभीर समस्याओं के आधुनिक उपचार और नई ईएनटी तकनीकों से चिकित्सकों एवं मेडिकल विद्यार्थियों को व्यावहारिक रूप से अवगत कराना रहा। विभागाध्यक्ष डॉ. ऋचा गुप्ता एवं प्रोफेसर डॉ. एस.एस. कौशिक के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने आधुनिक ईएनटी सर्जरी के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की।
मुख्य वक्ता आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. नवनीत माथुर और पीएमसीएच के प्रोफेसर डॉ. एस.एस. कौशिक ने यूस्टेशियन ट्यूब बैलून डाइलेशन की संपूर्ण सर्जिकल प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया। इसके साथ ही प्रतिभागियों को डमी और मॉडल पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी गई, जिससे उन्होंने इस आधुनिक प्रक्रिया की तकनीकी बारीकियों को व्यावहारिक रूप से समझा।
डॉ. एस.एस. कौशिक ने बताया कि यूस्टेशियन ट्यूब डिस्फंक्शन (ETD) के कारण कान बंद होना, भारीपन, दर्द, सुनने में परेशानी और बार-बार कान में संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बैलून डाइलेशन एक आधुनिक और मिनिमली इनवेसिव तकनीक है, जिसमें संकुचित यूस्टेशियन ट्यूब को बैलून की सहायता से फैलाया जाता है।
पीएमसीएच चेयरमैन राहुल अग्रवाल, प्रेसिडेंट एम.एम. मंगल और डीन डॉ. यू.एस. परिहार ने कार्यशाला के सफल आयोजन पर ईएनटी विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों के कौशल को बढ़ाने के साथ क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


