Site iconSite icon AR Live News

अमेरिका-ईरान के बीच समझौते पर सहमति, इजराइल ने मानने से किया इनकार

US and Iran agreed peace deal israel deniedUS and Iran agreed peace deal israel denied

वॉशिंगटन/तेहरान, 15 जून 2026। मध्य पूर्व में पिछले 100 दिनों से अधिक समय से जारी तनाव और संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता सामने आई है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर एक प्रारंभिक समझौता हो गया है, जिससे क्षेत्र में शांति बहाली और स्थिरता की उम्मीदें बढ़ गई हैं। | US and Iran agreed peace deal, israel denied

समझौते के तहत दोनों देशों ने युद्धविराम पर सहमति जताई है और अब ईरान के परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत तथा क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत वार्ता का मार्ग प्रशस्त हो गया है। हालांकि समझौते के सभी आधिकारिक विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह समझौता लेबनान सहित विभिन्न मोर्चों पर जारी सैन्य गतिविधियों को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लागू नाकेबंदी समाप्त करेगा। इसके साथ ही वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) को भी शुक्रवार से फिर से खोल दिया जाएगा, जब दोनों पक्ष स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप से समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।

इधर इजराइली सरकार ने संकेत दिया है कि वह इस समझौते के कुछ प्रमुख पहलुओं से सहमत नहीं है और अपनी सुरक्षा नीति में किसी प्रकार की ढील देने के पक्ष में नहीं है।

इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने स्पष्ट कहा है कि इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान से पीछे नहीं हटेगी। उनके अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लेबनान, सीरिया और गाजा में स्थापित सुरक्षा क्षेत्रों (Security Zones) में सैन्य तैनाती अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी।

इजराइल के इस शांति समझौते को मानने से इनकार करने पर सवाल यही उठता है कि क्या यह शांति समझौता टिका रहेगा।

युद्धविराम की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। पिछले कई महीनों से संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस परिवहन मार्गों में से एक है।

समझौते की घोषणा के बाद वैश्विक तेल कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि एशिया, यूरोप और अमेरिका के प्रमुख शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है तो ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला सामान्य होने के साथ वैश्विक आर्थिक दबाव भी कम हो सकता है।

यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व के कई देशों ने अमेरिका-ईरान समझौते का स्वागत किया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि यह समझौता न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करेगा बल्कि लंबे समय से चले आ रहे परमाणु विवाद के शांतिपूर्ण समाधान का रास्ता भी खोल सकता है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि इस शांति समझौते पर हस्ताक्षर 19 जून को होंगे। अमेरिका-ईरान 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में पीस डील पर दस्तखत करेंगे।

अब दोनों देशों के बीच होने वाली विस्तृत वार्ताओं पर दुनिया की नजरें टिकी हैं। परमाणु कार्यक्रम पर निगरानी, आर्थिक प्रतिबंधों में संभावित राहत, क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था और व्यापारिक संबंधों की बहाली जैसे मुद्दे आगामी दौर की बातचीत के केंद्र में रहेंगे।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

Exit mobile version