अमर आशीष हॉस्पिटल की संचालिका डॉ. नीना सक्सेना और संपत एआरटी बैंक संचालक के खिलाफ मामला दर्ज : पुलिस ने सीएमएचओ से प्राप्त रिपोर्ट और मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच के लिए दर्ज की एफआईआर
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर में नियम विरूद्ध चल रहे आईवीएफ सेंटर में कम उम्र की लड़कियों से एक या एक से अधिक बार एग लेने जैसे कई संगीन आरोपो में मधुबन स्थित अमर आशीष हॉस्पिटल संचालिका डॉ. नीना सक्सेना और सम्पत एआरटी बैंक संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है। एफआईआर बीएनएस की धारा 318, 316, 336,125, एआरटी एक्ट की धारा 27(2)(b), 21(e), 22(1), आईटी एक्ट की धारा 66 b, 66 c और आधार एक्ट 34/35 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। udaipur police | FIR against amar ashish hospital and ivf center | sampat ART bank | udaipur health news | udaipur live news | IVF Center in udaipur | Udaipur IVF Center Fraud
उदयपुर शहर में संचालित आईवीएफ सेंटरों में चल रही अनियमितताओं की शिकायत पर सीएमएचओ के नेतृत्व में टीम ने 28 आईवीएफ सेंटरों पर औचक निरीक्षण कर जांच की थी। सीएमएचओ ने जांच रिपोर्ट पुलिस को प्रस्तुत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दस्तावेजों में उपलब्ध एग डोनर्स के आधार कार्ड सत्यापन के लिए UIDAI भेजे तो आधार कार्ड में छेड़छाड़ किया जाना पाया गया।
एक लड़की एक बार एग डोनेट कर सकती, इन आईवीएफ सेंटर्स पर दो या अधिक बार एग डोनेशन के रिकॉर्ड भी मिले
डीएसपी नीतू राठौड़ ने बताया कि सीएमएचओ की जांच रिपोर्ट और एग डोनर्स के आधार कार्ड एवं दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर फर्जीवाड़ा करने, कम उम्र की लड़कियों से एग लेने और एक लड़की से एक से अधिक बार एग लेने सहित अन्य अनियमिताओं के आरोपों के तहत अमर आशीष हॉस्पिटल एवं आईवीएफ सेंटर संचालिका और सम्पत आईवीएफ बैंक संचालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। सीएमएचओ द्वारा करीब 400 फाइल्स और दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं, जिनकी विस्तृत जांच होना शेष है।
प्राथमिक तौर पर कुछ एग डोनर्स के आधार कार्ड यूआईडीएआई को सत्यापन के लिए भेजे थे। जहां से पुष्टि हुई है कि एग डोनर्स के आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर फर्जीवाड़ा किया गया है।
मेडिकल टीम की जांच में मिली थी भारी अनियमितताएं और फर्जीवाड़ा
सीएमएचओ के नेतृत्व में टीम जांच के लिए जब अमर आशीष हॉस्पिटल एवं आईवीएफ सेंटर पहुंची और एआरटी बैंक, एआरटी क्लीनिक व सेरोगेसी क्लीनिक का निरीक्षण किया तो एग सप्लाई किए जाने वाले सेंटरों के साथ एमओयू के दस्तावेज नहीं थे, एग डोनर के तौर पर कम आयु की लड़कियों के दस्तावेज पाए गए, डोनर के आधार कार्ड में कांट-छांट कर फर्जीवाड़ा करना पाया गया था। अमर आशीष हॉस्पिटल संचालिका डॉ. नीना सक्सेना हॉस्पिटल के एक ही फ्लोर पर तीनों क्लीनिक व सेंटर चला रही थीं। टीम ने 28 आईवीएफ सेंटर्स पर किए औचक निरीक्षण में अमर आशीष के अलावा संम्पत एआरटी बैंक में भी कई अनियमितताएं पायी।
भ्रूण लिंग परीक्षण मामले में पकड़े जाने के बाद भी गिरफ्तारी से बची डॉ. नीना सक्सेना इस बार कैसे बचेंगी.?
अमर आशीष संचालिका डॉ. नीना सक्सेना के खिलाफ बीएनएस की धारा 318, 316, 336,125, एआरटी एक्ट की धारा 27(2)(b), 21(e), 22(1), आईटी एक्ट की धारा 66 b, 66 c और आधार एक्ट 34/35 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। अब देखना यह होगा कि राज्य पीसीपीएनडीटी टीम द्वारा 8 जनवरी 2026 को भ्रूण लिंग परीक्षण मामले में पकड़ी गयी डॉ. नीना सक्सेना तब तो उम्र के हवाले और रात होने की बात पर गिरफ्तार होने से बच गयी थी, लेकिन इस बार वो कैसे बचेंगी।
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