चिकित्सा विभाग ने उदयपुर संभाग के 1 लाख से अधिक घरों का किया सर्वे
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। सलुंबर जिले में अज्ञात बीमारी से बच्चों की मौत मामले में अब तक 7 बच्चों की मौत हो चुकी है, लेकिन बीमारी क्या है, यह अब तक पता नहीं चल सका है। रैफर होकर एमबी हॉस्पिटल पहुंचे बच्चे के टायरफाइड, डेंगू, मलेरिया, स्क्रब टाइफस सहित 17 संभावित बीमारियों के टेस्ट करवाए गए, लेकिन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आयी। संभावित बीमारियों को लेकर चिकित्सा विभाग ने पुणे सैंपल भेजे हैं। | salumber news | 7 Children died with mysterious disease in lasadiya and jhallara
निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि बुधवार तक कुल 7 बच्चों की मृत्यु रिपोर्ट हुई हैं, जिनमें से 5 मृत्यु घर या रास्ते में, 1 मृत्यु बच्चे के हॉस्पिटल से डिस्चार्ज के बाद और 1 मृत्यु आरएनटी मेडिकल कॉलेज में हुई है। विभाग ने अपील की है कि वे साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, पानी जमा न होने दें और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। सलुंबर के सीएमएचओ डॉ. महेन्द्र कुमार परमार ने बताया कि जिले के लसाड़िया और झल्लारा में 7 बच्चों की मौत हुई है। इनमें 5 बच्चों की मौत किस बीमारी से हुई यह स्पष्ट नहीं हुआ है, जिसकी जांच चल रही हैं, वहीं दो अन्य बच्चों की मौत उल्टी-दस्त जैसे अन्य कारणों से हुई है।
बच्चों में शुरूआती लक्षण एक जैसे
प्राप्त जानकारी के अनुसार बच्चों में एक जैसे लक्षण देखने को मिले हैं, उनके उल्टी हुई, बुखार आया और इसी के साथ ताण आयी, बच्चा बेहोश हुआ और इसके बाद उसे हॉस्पिटल लेकर गए तो किसी बच्चे ने रास्ते में तो किसी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
घर-घर करा रहे सर्वे
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि सलुंबर के लसाडिया के प्रभावित क्षेत्र में घर-घर सर्वे एवं नियंत्रण गतिविधियां संचालित की गईं। प्रभावित क्षेत्र में 12 टीमों द्वारा 379 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें 1 लक्षणयुक्त रोगी पाया गया, जिसका मौके पर ही उपचार किया गया। किसी भी प्रकार का रेफर केस सामने नहीं आया। मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए 136 स्थानों पर एंटी-लार्वल गतिविधियाँ की गईं। साथ ही 1 ब्लड स्लाइड कलेक्शन एवं 2 ब्लड सैंपल लिए गए।
सलूम्बर जिले के अन्य ब्लॉकों में भी व्यापक स्तर पर सर्वे कार्य किया गया। कुल 370 टीमों द्वारा 6264 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें बुखार, उल्टी, जुकाम आदि लक्षणों वाले 213 रोगी चिन्हित हुए। इनमें से 213 रोगियों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया तथा 6 रोगियों को रेफर किया गया। मच्छर नियंत्रण के तहत 476 स्थानों पर एंटी-लार्वल एक्टिविटी की गईं। 474 ब्लड स्लाइड कलेक्शन एवं 19 ब्लड सैंपल लिए गए। जिले के चिकित्सा संस्थानों में कुल ओपीडी संख्या 1590 दर्ज की गई।
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