नेता प्रतिपक्ष जूली 2.34 मिनट तक उदयपुर फाइल्स पर विधानसभा में बोले, उन्होंने कहा- एपस्टीन फाइल को छोड़ दीजिए, ये उदयपुर फाइल्स उससे भी बड़ी फाइल है। सदन की मर्यादा रख रहा हूं, वरना एक-एक की पर्तें यहीं खुल जाएंगी, क्या बीजेपी के लोगों का यही कृत्य रह गया है।
- जूली ने सीएम से पूछा – एक उदयपुर फाइल चल रही है, इस के अंदर क्या है मुख्यमंत्री जी
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। भूपालपुरा थाने में भाजपा की महिला नेता द्वारा दर्ज करवायी गयी एफआईआर और इससे जुड़े कई वीडियो जो उदयपुर फाइल्स के नाम से चर्चा में है, का मुद्दा शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में गूंजा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने 2 मिनट 34 सैकंड तक विधानसभा में इस पर बोला और कहा एक उदयपुर फाइल चल रही है, इस उदयपुर फाइल के अंदर क्या है मुख्यमंत्री जी, यानी इसमें जो पीड़िता है वो भी बीजेपी की है। जिस पर आरोप है वो भी बीजेपी का। जो रात को 3 बजे पुलिस के साथ सब्बल, हथौड़े लेकर आरोपी का गेट तोड़ने जा रहे हैं वे भी बीजेपी के हैं। इसकी जांच कराइए मुख्यमंत्री जी।वीडियो पर क्लिक कर सुनिए 2.34 मिनट तक उदयपुर फाइल्स पर क्या बोले जूली-
टीकाराम जूली विधानसभा में बोले
एक उदयपुर फाइल चल रही है, इस उदयपुर फाइल के अंदर क्या है मुख्यमंत्री जी, यानी इसमें जो पीड़िता है वो भी बीजेपी की है। जिस पर आरोप है वो भी बीजेपी का और जो पुलिस के साथ वहां गेट तोड़ने जाते हैं, वो भी बीजेपी के। एक ऐसा प्रकरण जिस के अंदर रात को 11 बजे रिपोर्ट दर्ज होती है। दो बजे आपकी पुलिस रैकी करने पहुंच जाती है और तीन बजे बीजेपी के कार्यकर्ताओं के साथ वीडियो दिखा दुंगा आपको पुलिस वापस जाती है। सब्बल, हथौड़े लेकर जाते हैं, बिना लेडीज पुलिस के जाते हैं और जाकर उस घर का दरवाजा तोड़ा जाता है। और उस आरोपी को अरेस्ट किया जाता है। एएसआई जांच करता है। एएसआई डीएसपी को फाइल भेज देता है डीएसपी भी दूसरे सर्किल का लगा दिया जाता है।
सारी डीवीआर, सीसीटीवी कैमरा, वहां से जब्त किए मोबाइल कहां है, ई-साक्ष्य पर अपलोड क्यों नहीं हुए
जूली बोले मुख्य मंत्री जी आपको तो पता ही नहीं है, दिल्ली से सीधा आईजी को फोन जाता है। जयपुर को तो पता ही नहीं है कि हो क्या रहा है। इस प्रकार की कार्रवाई और फिर जमानत भी नहीं होने दो। सारी डीवीआर, सीसीटीवी कैमरा, वहां से जो मोबाइल जब्त किए हैं, कहां है वो, पुलिस जब भी कार्रवाई करती है, वो सारे वीडियो उनका ई-साक्ष्य पर उसी समय अपलोड करने होते हैं। आप बता दीजिए अब तक अपलोड क्यों नहीं हुए। क्या ऐसा राज है, क्या ऐसा सच है, जो आप दबाना चाहते हैं। कौन वो लोग हैं, जिनकों आप बचाना चाहते हैं। ये एपस्टीन फाइल को छोड़ दीजिए, ये उससे भी बड़ी फाइल है। मैं इस सदन की मर्यादा रख रहा हूं, नहीं तो एक-एक की पर्तें यहीं खुल जाएंगी।
ये कहना चाहता हूं। आप भले आदमी हैं, सच्चाई का देना चाहते हैं तो इस पूरे प्रकरण की जांच करवाए। कौन-कौन ऐसे लोग हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। क्या बीजेपी के लोगों का यही कृत्य रह गया है। जिस प्रकार से स्थिति बनी है, मैं इसको बहुत गंभीर मानता हूं ऐसे व्यक्तियों को सख्त से सख्त सजा होनी चाहिए।
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