उदयपुर वीडियो ट्रैप स्कैंडल : एफएसएल जांच से आ सकती सुनामी, देखना यह है कि पुलिस कौन-कौन से वीडियो रिकॉर्ड पर लेकर एफएसएल जांच करवाएगी
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। उदयपुर के भूपालपुरा थाने में शहर भाजपा की एक महिला नेता द्वारा दर्ज करवायी गयी एफआईआर और उसकी पृष्ठभूमि में छुपे कई कथित आपत्तिजनक वीडियो से जुड़ी अटकलों से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। चर्चाएं है कि ये वीडियों कुछ नेताओं की राजनीतिक बली भी ले सकते है। vedio trap Scandal: BJP Female worker lodged FIR on advocate
यह मामला सामने आने के बाद उदयपुर में खासकर शहर भाजपा की राजनीति में चर्चाओं की सुनामी आयी हुई है। हर कोई अपनी अपनी अटकले और कयास लगाकर उदयपुर के कुछ नेताओं के नाम भी इस मामले से जोड़कर देख रहे है। हालांकि कोई खुलकर बोलता नजर नहीं आ रहा, लेकिन पर्दे के पीछे कई लोगों की जुबान पर इस प्रकरण से संबंधित नेताओं के नाम चलने लगे है।
पुलिस में एफआईआर दर्ज होने का मामला सामने आने के कुछ ही देर बाद इसकी जानकारी उदयपुर के भाई साहब तक भी पहुंचा दी गई। अटकलों और कयासों की लपटे जयपुर तक भी पहुंच चुकी है। अहम बात यह है कि एफआईआर के हिसाब से संबंधित वीडियो पुलिस रिकॉर्ड पर आ गए तो उदयपुर में आने वाले दिनों में राजनीतिक क्षेत्र में बहुत कुछ देखने को मिल सकता है। संबंधित नेताओं की राजनीतिक कॅरियर की हत्या भी हो सकती है। हालांकि फिलहाल अफवाहों, अटकलों व चर्चाओं का दौर जारी है। देखना यह है कि उदयपुर पुलिस की जांच में कौन से वीडियो रिकॉर्ड पर आते हैं और उनकी एफएसएल जांच होती है।
भाजपा के कई लोग वीडियो पाने के लिए लालायित
इस पूरे मामले में एक अहम बात यह है कि उदयपुर में भाजपा के ही कई लोग इस पूरे प्रकरण से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो प्राप्त करने को लेकर लालायित नजर आ रहे है। वीडियो असली हो या एआई से बनाए गए हो, उनको तो किसी न किसी प्रकार से वीडियो मिल जाए। दूसरी तरफ कई लोग पूरी इस कोशिश में है कि सुनामी भी आ जाए तो भी वीडियो किसी के हाथ न लगे। इसके पीछे भी बहुत बड़ी राजनीतिक गणित है।
एफएसएल जांच से पता चलेगा वीडियो असली हैं या एआई
भाजपा की महिला नेता ने एफआईआर में बताया है कि वकील विशाल गुर्जर ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के जरिए उनके कुछ परिचितों के साथ वीडियो बनाए और उन वीडियो के जरिए विशाल गुर्जर ब्लैकमेल कर रहा है। मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस विशाल गुर्जर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा के तहत सेंट्रल जेल में भेज चुकी है। अब इन वीडियो की एफएसएल जांच से ही तय होगा कि वीडियो असली हैं या एआई से बनाए गए। इधर विशाल के परिजनों ने उदयपुर प्रवास के दौरान सोमवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से भेंट कर इस पूरे मामले को षड़यंत्र बताया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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