भारत सरकार के प्रयासों से म्यांमार से रेस्क्यू हुए दो युवकों ने फतहनगर थाने में दर्ज करवायी एफआईआर
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर के फतहनगर थाना क्षेत्र के दो युवक भी म्यांमार में साइबर गुलाम गिरोह का शिकार हुए हैं। दोनों युवकों ने फतहनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवायी है। देश के विभिन्न हिस्सों से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। पीड़ित युवक भारत सरकार द्वारा रेस्क्यू किए जाने के बाद अपने घर लौट सके, पीड़ित वो भयानक दिन याद कर भी सिहर उठते हैं, जब उन्हें बंधक बनाकर टॉर्चर कर उनसे साइबर अपराध करवाए गए। ऐसे में देश के युवाओं को बेहद सावधान होने की जरूरत है, कहीं विदेश में नौकरी के झांसे में आकर वे किसी साइबर गुलाम गिरोह का शिकार तो नहीं हो रहे।
फतहनगर थानाधिकारी चन्द्रशेखर किलानिया ने बताया कि उदयपुर के फतहनगर निवासी रणजीत सिंह और उदय सिंह ने थाने में इस संबंध में एफआईआर दर्ज करवायी है। ये युवक भारत सरकार के प्रयास से रेस्क्यू कर अपने देश लौट सके। ऐसे में विदेश में अच्छे पैकेज की नौकरी का सपना देख रहे युवकों को बेहद सावधान होने की जरूरत है, वे ऐसे किसी झांसे में नहीं आएं। पीड़ित युवकों के ऑनलाइन इंटरव्यू हुए, सलेक्शन की जानकारी भी ऑनलाइन दी गयी और टिकट भेज दिया गया। डेटा ऑपरेटर या इस जैसी किसी दूसरी नौकरी के झांसे में आकर ये बिना किसी जानकारी और पड़ताल के थाईलैंड चले गए और गिरोह के चंगुल में फंस गए।
म्यांमार में युवकों को साइबर गुलाम बनाकर साइबर अपराध करवाए जा रहे हैं, बेरोजगार युवक इन गिरोहों के टारगेट पर रहते हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऐसे कई गिरोह एक्टिव हैं, तो युवा सतर्क रहें।
पुलिस के सामने चुनौती, स्थानीय को तो पकड़ लें, म्यांमार जाकर किसे पकड़ें
रेस्क्यू हो भारत लौट सके युवक जैसे-जैसे उस ट्रोमा से बाहर आ रहे हैं, सीबीआई सहित देश के विभिन्न राज्यों के पुलिस थानों में इस संबंध में एफआईआर दर्ज करवा रहे हैं। कई युवकों के म्यांमार में अभी भी गिरोह के चंगुल में फंसे होने की आशंका है। इन मामलों में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि कार्रवाई किस पर करें या गिरफ्तारी किसकी करें। उदयपुर के फतहनगर के पीड़ित युवक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ही उत्तराखंड के किसी नीरज चौधरी के संपर्क में आए।
नौकरी दिलवाने के लिए उनका ऑनलाइन ही इंटरव्यू हुआ, ऑनलाइन ही ऑफर लेटर मिला और सैलरी तय हुई, यहां तक कि युवकों को थाईलैंड बुलाने के लिए टिकट भी ऑनलाइन ही भेज दिए गए। युवक थाईलैंड गए, वहां से म्यांमार ले जाए गए और गिरोह के चंगुल में फंस गए। यह गिरोह इंटरनेशनल लेवल पर साइबर दुनिया के अंडर वर्ल्ड डार्क वेब की आड़ में काम कर रहा है, तो पुलिस या जांच एजेंसियां किसे पकड़ें।
बंधक बनाकर करवाते हैं साइबर क्राइम
युवकों ने बताया कि थाईलैंड से म्यांमार उन्हें एक गाड़ी में ले जाया गया। रास्ते में गिरोह के लोगों ने उनके वीजा, पासपोर्ट, मोबाइल सहित सभी दस्तावेज छीन लिए। म्यांमार में युवकों को एक बिल्डिंग के कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। 16 से 18 घंटे तक काम करवाते, विभिन्न देशों के लोगों के साथ साइबर अपराध करने का टास्क दिया जाता। यह काम करने से मना करने पर मारपीट कर फिजीकली टॉर्चर करते और खाना-पानी तक नहीं देते थे। सबकुछ गिरोह संचालकों के सर्विलांस पर होता, ताकि कोई वहां से भाग न सके।
क्लिक कर यह भी पढ़ें : राजस्थान से साइबर गुलाम बनाकर म्यांमार भेजे जा रहे युवक
डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।
रोचक वीडियोज के लिए एआर लाइव न्यूज के https://www.youtube.com/@arlivenews3488/featured यू-ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें


