विधानसभा में शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान सरकार द्वारा अगस्त 2025 में प्रदेश के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सर्वे करवाया गए उस सर्वे के अनुसार प्रदेश में 3768 स्कूल भवन जर्जर स्थिति में है। जबकि 41 हजार 178 स्कूलों को बड़े स्तर पर मरम्मत की आवश्यकता है। government school buildings dilapidated condition
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने राजस्थान विधानसभा में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। प्रश्नकाल के दौरान सदस्य संदीप शर्मा द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर में शिक्षा मंत्री ने बताया कि जिला कलक्टर के माध्यम से गठित तकनीकी दल के सर्वें अनुसार 3 हजार 768 स्कूल भवन जर्जर स्थिति में है। इन चिन्हित में से 2558 को जर्जर घोषित किया जा चुका है। शेष 1210 भवनों को भी जर्जर घोषित किया जाना है। इन विद्यालयों को जमीदोज की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। government school buildings dilapidated condition
41 हजार 178 स्कूलों को बड़े स्तर पर मरम्मत की आवश्यकता
मंत्री दिलावर ने जानकारी दी कि इस सर्वे के अनुसार 45 हजार 365 राजकीय विद्यालयों में से 41 हजार 178 विद्यालयों में वृहद मरम्मत की आवश्यकता है। राज्य मद (वर्ष 2025-26) अंतर्गत 2 हजार राजकीय विद्यालयों के लिए वृहद मरम्मत के लिए 17497.51 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त सभी जिला कलक्टर द्वारा बाढ़ /अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों के लिए एसडीआरएफ में 20 हजार 383 विद्यालयों की मरम्मत के कार्य स्वीकृत है।
दिलावर ने बताया कि मरम्मत से बचे विद्यालय भवनों के संबंध में परियोजना अनुमोदन बोर्ड (पीएबी) को प्रस्ताव भेजा गया है। जिस पर केंद्र सरकार द्वारा 1 हजार करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। इस राशि से राज्य सरकार द्वारा विद्यालय भवनों की मरम्मत कराई जाएगी। दिलावर ने बताया कि भवनों को सीलन से सुरक्षित रखने के लिए वाटर प्रूफिंग कार्य, छतों की नियमित सफाई तथा भविष्य में निर्मित होने वाले भवनों में उचित ढलान सुनिश्चित की जाएगी, जिससे छतों पर जलभराव की समस्या न हो।
जर्जर भवन की जानकारी विद्यालय प्रबंधन समिति भेजती है सीबीईओ को
विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा भवन के जर्जर होने की जानकारी सीबीईओ से डीईओ को भेजी जाती है। इसके बाद डीईओ एवं अन्य सदस्यों की समिति द्वारा विद्यालय का निरीक्षण कर भवन को जर्जर घोषित किया जाता है। जर्जर घोषित होने के बाद अधिकतम एक माह के भीतर भवन को जमींदोज करने की प्रक्रिया निर्धारित की जाती है।
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