इस्कॉन संस्था को नोटिस, एमरल्ड हिल्स, मालदीव्स विला, वेलेसा होटल सीज : पहाड़ियों को छलनी कर रहे लोगों और कंपनियों के नाम यूडीए कब करेगा उजागर
उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) में अब महाभारत के संजय जैसे संजय की जरूरत महसुस होने लगी है जो अधिकारियों को छलनी होती पहाड़ियों का सजीव वर्णन सुना सके। क्योंकि यूडीए के अधिकारियों को न तो छलनी होती पहाड़ियां नजर आ रही न इन पर बन रहे होटल,रिसोर्ट और विला। कैलाशपुरी क्षेत्र में पहाड़ियों को छलनी कर बनाए होटल, रिसोर्ट और विला भी यूडीए अधिकारियों को तो आज तक नजर ही नहीं आए। यह तो अच्छा रहा कि महाभारत के संजय की तरह हमारे जिला कलेक्टर नमित मेहता ने यूडीए आयुक्त राहुल जैन, तहसीलदार अभिनव शर्मा व जिम्मेदारों को मौके पर ले जाकर छलनी हुई पहाड़ियां दिखायी। तब जाकर यूडीए के जिम्मेदारों की कुंभकर्णी निंद खुली और सोमवार को मौके पर कार्रवाई हुई। udaipur UDA issue notice to iskcon and seized maldieves villa emerald hills and velesa hotel udaipur.
जिला कलेक्टर नमित मेहता की दखल के बाद सोमवार को कैलाशपुरी क्षेत्र में राजस्व ग्राम सरे, मोहनपुरा और सरेखुर्द में पहाड़ियों को छलनी कर अवैध निर्माण करने वालो के खिलाफ कारवाई हुई। यह स्थिति तब है जब ये पहाड़ियां हाइवे से सटे क्षेत्र की पहाड़ियां है और दिन रात इनको छलनी कर बड़े बड़े विला, होटल का निर्माण कर व्यवसायिक उपयोग भी किया जा रहा था। इतना होने तक भी यूडीए के जिम्मेदारों की इन पर कभी नजर तक नहीं पड़ी। यह बात गले नहीं उतर रही है।
पहाड़ों के गुनहगारों के नाम उजागर करने से क्यों डरता है यूडीए.?
यूडीए आयुक्त राहुल जैन के निर्देश पर सोमवार को कारवाई की गई उसमें यूडीए ने इस बात को स्वीकार किया है कि राजस्व ग्राम मोहनपुरा के आराजी संख्या 4964/1605, 4965/1605, 1749/1, 4966/1605, 4968 /1605 आदि में बिना सक्षम स्वीकृति के कुल 17 विला निर्माण कर व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा था। राजस्व ग्राम मोहनपुरा के आराजी संख्या 4999/4796 में वेलेसा नाम से होटल का निर्माण कर व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा था। इन सभी प्रकरणो में भुखण्ड स्वामी द्वारा तहसीलदार एवं एसडीओ कार्यालय आवासीय प्रयोजनार्थ किस्म आबादी संपरितर्वन करवा वाणिज्यिक उपयोग किया जा रहा था जो कि नियम विरूद्व है। राजस्व ग्राम सरेखुर्द के आराजी संख्या 4009/2219 किस्म आवासीय भूमि पर बिना सक्षम स्वीकृति के पहाड़ काटकर सड़को आदि का निर्माण कर भुखंड बनाये जाकर बिना स्वीकृति के एमरल्ड हिल्स प्लानिंग का स्वरूप दिया गया।
यूडीए के अनुसार मालदीव्स विला (कुल 17 विला) वेलेसा होटल, अन्य निर्माणाधीन व्यवसायिक संरचना को सीज किया गया और बिना नक्शा स्वीकृत करायें हो रही एमरल्ड हिल्स के नाम से प्लान के सीसी रोड व विद्युत पोल तोड़े गए। ग्राम मोहनपुरा के आराजी संख्या 4956/1605, 4803/1605 आदी पर इस्कान संस्था द्वारा बहुमंजिला ईमारत का निर्माण किया जा रहा था। बिना सक्षम स्वीकृति के होटलनुमा बहुमंजिला ईमारत का निर्माण किया जा रहा था। यूडीए ने संपत्तियों के नाम तो बता दिए, लेकिन इन संपत्तियों के मालिक/ डायरेक्टर कौन है, इनकी डवलपर कंपनियां कौन सी है, यूडीए इनके नाम क्यों उजागर नहीं कर रहा है। यूडीए कब बताएगा कि एमरल्ड हिल्स प्लानिंग काटने वाले कौन हैं, वेलेसा होटल या मालदीव्स विला के मालिक या डवलपर कंपनी कौन है?
पहाड़ियां काटकर क्या इतना निर्माण एक दिन में हो गया ?यूडीए के किसी जिम्मेदार के पास है इसका जवाब
सोचने का विषय है कि पहाड़ियों को छलनी करना और इतने बड़े बड़े निर्माण हो जाना क्या एक दिन का काम हो सकता है। दूसरा सवाल जब कलेक्टर ने अवैध निर्माण ध्वस्त करने के स्पष्ट निर्देश दे दिए तो यूडीए अफसरों ने पहाड़ियों को छलनी करने वालों के व्यवसायिक भवन सीज करने के नाम की सहानुभूति क्यों दिखायी। ऐसा तो नहीं कि यह महज दिखावटी थी।
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