ट्रैप कैमरे में कैद हुए हिम तेंदुए, सर्वाधिक लद्दाख में मिले
देवेंद्र शर्मा, उदयपुर (एआर लाइव न्यूज)। तेंदुए वैसे तो मेवाड़ सहित देश के कई भागों में पाए जाते है, लेकिन दुनिया की दुर्लभ प्रजातियों में महत्वपूर्ण माने जाने वाले हिम तेंदुए (स्नो लेपर्ड) को लेकर अच्छी खबर सामने आयी है। हिम तेंदुए की गणना में भारत में कुल अनुमानित 718 हिम तेंदुए होने की पुष्टि हुई है। conservation of Snow Leopard in india
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में हिम तेंदुओं को लेकर दी गई जानकारी में बताया है कि भारत सरकार ने देशव्यापी हिम तेंदुए की गणना पूरी कर ली है। इसे आधिकारिक रूप से भारत में हिम तेंदुए की संख्या का आकलन (एसपीएआई) नाम दिया गया है। conservation of Snow Leopard in india
पहले एसपीएआई के निष्कर्षों के अनुसार, देश में हिम तेंदुओं की कुल अनुमानित संख्या 718 है। सबसे अधिक संख्या लद्दाख (477) में दर्ज की गई। उसके बाद उत्तराखंड (124), हिमाचल प्रदेश (51), अरुणाचल प्रदेश (36), सिक्किम (21) और जम्मू-कश्मीर में हिम तेंदुओं की संख्या 9 है। दुसरे एसपीएआई 2.0, केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) द्वारा वन्यजीव सप्ताह 2025 में हिम तेंदुए, उसके आवास और संबंधित प्रजातियों के संरक्षण को और मजबूत करने के लिए एक सुदृढ़ ढांचे के साथ शुरू किया गया। एसपीएआई भारत में हिम तेंदुओं की संख्या का पहला व्यवस्थित, वैज्ञानिक आकलन है और इसमें लगभग 1,20,000 वर्ग किलोमीटर के अधिक ऊंचाई वाले आवास को शामिल किया गया है, जो प्रजाति के संभावित क्षेत्र के 70 प्रतिशत से अधिक का प्रतिनिधित्व करता है।
1971 स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए गए
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सर्वेक्षण टीमों ने संकेतों के सर्वेक्षण के लिए 13,450 किलोमीटर के अनुप्रस्थ मार्ग पर पैदल यात्रा की और 1971 स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए। जिससे लगभग 1,80,000 ट्रैप नाइट्स के दौरान 241 विशिष्ट हिम तेंदुओं की पहचान की गई। इस प्रयास का समन्वय देहरादून के भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) द्वारा हिम तेंदुए के सभी रेंज राज्यों,केंद्र शासित प्रदेशों और स्थानीय स्तर के गैर सरकारी संगठनों जैसे संरक्षण भागीदारों की सम्मेलन के साथ किया गया।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 में अनुसूची-1 में शामिल है हिम तेंदुआ
भारत में वन्यजीवों के लिए सशक्त कानून हैं और हिम तेंदुए को संरक्षण का सर्वोच्च दर्जा प्राप्त है। अर्थात् वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत अनुसूची-1 में रखा गया है। राष्ट्रीय हिम तेंदुआ इकोसिस्टम संरक्षण प्राथमिकताएं (एनएसएलईपी) के तहत, एमओईएफसीसी ने हिम तेंदुए के संरक्षण के लिए कई प्रमुख कार्यों को प्राथमिकता दी है। अधिक ऊंचाई वाले हिमालयी इकोसिस्टम की रक्षा, हिम तेंदुए जैसे लुप्तप्राय वन्यजीवों के संरक्षण और स्थानीय समुदायों की आजीविका में सुधार के लिए एक पहल, सिक्योर हिमालय भी शुरू की गई है।
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