राज्य सरकार ने स्वीकृत की आर्थिक सहायता: सरकार ने उच्चस्तरीय पांच सदस्यीय समिति गठित की
जैसलमेर,एआर लाइव न्यूज। जैसलमेर जिले के थईयात गांव के पास मंगलवार को एसी स्लीपर बस में आग लगने से झुलसी एक और महिला यात्री ने दम तोड़ दिया। इधर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश की समस्त यात्री बसों(स्लीपर बसों सहित) की परिवहन नियमों एवं बस बॉडी बिल्डिंग कोड के मानकों के अनुरूप होने के संबंध में सघन जांच अभियान जारी है। राज्य सरकार ने मृतकों के आश्रितों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। jaisalmer bus tragedy
जैसलमेर-जोधपुर हाइवे पर हुए इस बस हादसे में गंभीर रूप से झुलसी एक महिला ने आज इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। कुछ गंभीर घायल अभी भी वेंटिलेटर पर है। इस हृदयविदारक दुर्घटना के बाद डीएनए परीक्षण एवं पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण होने पर जोधपुर जिला प्रशासन द्वारा मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। jaisalmer bus tragedy
हॉस्पिटल में 18 शवों की पहचान की जा चुकी है
डीएनए परीक्षण के पश्चात 9 मृतकों के शव एम्स हॉस्पिटल में एवं 9 मृतकों के शव महात्मा गांधी अस्पताल जोधपुर में रखे गए हैं, जिनकी पहचान की जा चुकी है। एक शव को लेकर अभी तक किसी ने प्रशासन से संपर्क नहीं किया है। पहचान के लिए जिला प्रशासन प्रयास कर रहा है। जोधपुर और जैसलमेर दोनों जिलों की टीमें निरंतर संपर्क और समन्वय में हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहयोग समय पर प्राप्त हो सके।
आश्रितों को आर्थिक सहायता स्वीकृत की
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस हादसे में मृतकों के आश्रितों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। जिन परिवारों में 3 या अधिक लोगों की मृत्यु इस दुर्घटना में हुई है, उन परिवारों को 25-25 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। गम्भीर घायलों को 2-2 लाख रुपये व अन्य घायलों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।

उच्चस्तरीय पांच सदस्यीय समिति गठित
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त(प्रशासन) एवं संयुक्त शासन सचिव परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के ओपी बुनकर ने बताया कि जैसलमेर बस दुखांतिका के बाद विभाग द्वारा तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ विस्तृत जांच कार्यवाही प्रारंभ की गई है।जैसलमेर हादसे को लेकर राज्य सरकार के परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग, मुख्यालय द्वारा अपर परिवहन आयुक्त(प्रशासन) एवं संयुक्त शासन सचिव की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें विभाग के दो अधिकारी एवं राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के दो अभियंता शामिल हैं।
कमेटी में ओमप्रकाश बुनकर (अपर परिवहन आयुक्त, प्रशासन एवं संयुक्त शासन सचिव), धर्मेन्द्र कुमार (प्रादेशिक परिवहन अधिकारी-द्वितीय) रवि सोनी (कार्यकारी निदेशक यांत्रिकी राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम) हनुमान सिंह (संयुक्त महाप्रबन्धक सेन्ट्रल वर्कशॉप जोधपुर) नवनीत बाटड़मोटर वाहन निरीक्षक) मुख्यालय शामिल है। यह समिति जैसलमेर बस दुर्घटना से संबंधित परिवहन विभागीय एवं तकनीकी पहलुओं की गहन जांच करेगी। राज्य सरकार द्वारा एक स्वतंत्र संस्था सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (CIRT), पुणे को भी इस घटना की तकनीकी जांच के लिए आमंत्रित किया गया है।
हादसे के बाद सख्ती: अब तक 53 बसें जब्त
इस बस के पंजीयन के समय पंजीयन का अपु्रवल एवं भौतिक निरीक्षण करने वाले मोटर वाहन निरीक्षक सुरेन्द्र सिंह गहलोत तथा दस्तावेज सत्यापन करने वाले परिवहन विभाग के सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नीलाल नागदा केा निलंबित किया जा चुका है। इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही भी प्रस्तावित की गई है।
इस बस का पंजीयन जिला परिवहन अधिकारी, चित्तौड़गढ़ के कार्यालय से 1 अक्टूबर 2025 को किया गया था। जिस बस में आग लगी थी उसका बस बॉडी मानक एआईएस 119 की पालना नहीं हुई थी। बुधवार शाम परिवहन विभाग ने जोधपुर में कार्रवाई करते हुए जैसलमेर बस हादसे की बस बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा और वहां पर मौजूद 64 भारी वाहनों की चेसिस सीज की है। इधर प्रदेश में चल रहे विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान बस बॉडी कोड उल्लंघन के मामलों में अब तक 53 बसें जब्त की जा चुकी हैं।

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