आईआईटी मद्रास और जेएनसीएएसआर बेंगलुरु के साथ रणनीतिक गठबंधन अगली पीढ़ी के, सस्टेनेबल एनर्जी स्टोरेज सोल्यूशंस को आगे बढ़ाएगा
उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक ने अगली पीढ़ी की जिंक आधारित बैटरी तकनीकों के अनुसंधान को एक कदम आगे बढ़ाते हुए आईआईटी मद्रास और जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च, बेंगलुरु के साथ मिलकर सस्टेनेबल एनर्जी स्टोरेज सोल्यूशंस विकसित करने के लिए कॉलोब्रेशन किया है। अनुसंधान का लक्ष्य हाई एनर्जी क्षमता, बेहतर सुरक्षा और लंबी परिचालन अवधि प्रदान करना है। Hindustan Zinc accelerates research in emerging Zinc Battery technology
हिंदुस्तान जिंक का यह कदम एयरोस्पेस, समुद्री, नवीकरणीय ऊर्जा, डेटा सेंटर, 5 जी नेटवर्क और मिशन-क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे उच्च मांग वाले क्षेत्रों में जिंक आधारित सामग्रियों का सिद्ध उपयोग उनकी विश्वसनीयता और अनुकूलनशीलता को और मजबूत करता है। कंपनी क्लीन एनर्जी ट्राजिंशन में सहयोग के लिए उभरती जिंक बैटरी तकनीक का नेतृत्व कर रही है। दुनिया बैटरी उद्योग में तेजी से विकास देख रही है और जिंक आधारित बैटरियों में सस्टेनेबल एनर्जी स्टोरेज सोल्यूशंस बाजार को बदलने की क्षमता है। अगस्त 2024 में जेएनसीएएसआर के साथ एमआयू के तहत, हिन्दुस्तान जिंक, जिंक-आयन बैटरी के विकास को आगे बढ़ा रहा है।
दुनिया पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ रही है
हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि दुनिया लंबे समय तक चलने वाले और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ रही है। हिन्दुस्तान जिंक में हम जिंक जैसी महत्वपूर्ण धातुओं के उत्पादन के माध्यम से इस बदलाव का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। भारत के दो प्रमुख शोध संस्थानों के साथ हमारा कॉलोब्रेशन अत्याधुनिक नवाचारों को आगे बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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