जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। कोटा के संभागीय आयुक्त पद पर कार्यरत आईएएस अधिकारी राजेंद्र विजय के विरूद्ध आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में एसीबी ने बुधवार को 4 ठिकानों पर छापा मारा। तलाशी के दौरान 13 भूखंडों, एक व्यवसायिक शोरूम के दस्तावेज के साथ ही 16 अलग अलग बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। एसीबी की कारवाई होते ही भजनलाल सरकार भी हरकत में आयी और तत्काल कार्मिक विभाग ने आदेश जारी कर राजेंद्र विजय को एपीओ कर दिया। कोटा कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी को कोटा संभागीय आयुक्त के पद का अतिरिक्त चार्ज दिया है।(ACB raid IAS officer Rajendra Vijay)
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि ब्यूरो मुख्यालय को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि आईएएस अधिकारी एवं वर्तमान में कोटा के संभागीय आयुक्त राजेन्द्र विजय द्वारा भ्रष्टाचार के साधनों द्वारा अपने एवं अपने परिजनों के नाम से अपनी वैध आय से आनुपातिक रूप से अधिक चल-अचल सम्पत्तियां अर्जित की गई है। जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करोड़ों रुपयों से अधिक है।

जयपुर, कोटा व दौसा स्थित 4 ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की गई
सूचना का एसीबी की इन्टेजिलेन्स शाखा द्वारा गोपनीय रूप से सत्यापन के बाद आईएएस के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया। एसीबी जयपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस कालूराम रावत के सुपरवीजन में एसीबी की स्पेशल यूनिट प्रथम जयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़, अनुसंधान अधिकारी के नेतृत्व में सक्षम न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त किया गया। इसके बाद आज एसीबी कोटा के अति पुलिस अधिक्षक विजय स्वर्णकार, मुकुल शर्मा एवं एसीबी दौसा के उप अधिक्षक नवल किशोर मीणा की टीमों द्वारा एक साथ आरोपी आईएएस अधिकारी के जयपुर, कोटा व दौसा स्थित 4 ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की गई।(ACB raid IAS officer Rajendra Vijay)

तलाशी के दौरान एसीबी की टीमों को काफी कुछ मिला
डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि आरोपी राजेन्द्र विजय के जयपुर स्थित आवास की तलाशी में 13 आवासीय / व्यावसायिक भूखण्डों के दस्तावेज मिले। जिनमें टोंक रोड़ पर आलीशान मकान एवं Zudio व्यावसायिक शोरूम नं. 7 ग्राउण्ड फ्लोर, जीटी गलेरिया, ब्लॉक-बी, अशोक मार्ग सी-स्कीम जयपुर प्रमुख हैं। 2 लाख 22 हजार से अधिक की नगदी, 335 ग्राम सोने के आभूषण, 11 किलो 800 ग्राम चांदी के आभूषण एवं 3 चार पहिया वाहन भी मिले हैं। इसके अतिरिक्त अनेक बीमा पॉलिसियों में निवेश, एक बैंक लॉकर जिसकी तलाशी ली जानी है एवं 16 अलग-अलग बैंक खाते जिनमें लाखों रुपये जमा हैं के दस्तावेज भी तलाशी के दौरान मिले हैं।
परिजनों द्वारा बेनामी परिसम्पत्तियों में निवेश के साक्ष्य भी मिले
एसीबी को आरोपी आईएएस अधिकारी एवं परिजनों द्वारा कई बेनामी परिसम्पत्तियों में निवेश के साक्ष्य मिले हैं। जिनकी विस्तृत जांच की जाएगी। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में विभिन्न टीमों द्वारा आरोपी के ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है। मामले में एसीबी द्वारा आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।
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