- महिला रेंजर सोनम मीणा ने दिखायी बहादुरी, टीम के साथ तस्करों का 15 किमी तक किया पीछा
- बीती रात लसाड़िया फॉरेस्ट रेंज के डाईखेड़ा की घटना
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। प्रतापगढ़ के लसाड़िया फॉरेस्ट रेंज में डाईखेड़ा गांव के पास रविवार-सोमवार मध्यरात्रि वन विभाग के कर्मचारियों और तस्करों की मुठभेड़ हो गयी(forest staff and smugglers encounter)। वनकर्मियों ने तस्करों का पीछा किया तो तस्करों ने वनकर्मियों पर लगातार गोलियां चलायीं।
महिला रेंजर सोनम मीणा के नेतृत्व में वनकर्मियों ने निजी वाहन से करीब 15 किलोमीटर तक तस्करों का पीछा किया, गोली लगने से वनकर्मियों की गाड़ी का टायर फट गया और एक शीशा भी टूट गया। इसके बाद तेज रफ्तार वाहन और हथियारों से लैस तस्कर फरार हो गए। वन विभाग ने उदयपुर के भींडर थाने में तस्करों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है, मौके से तीन बुलेट्स के खाली खोखे बरामद हुए हैं।

सरकारी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई तो निजी वाहन से तस्करों का पीछा किया
एसीएफ दारा सिंह ने बताया कि हमें मुखबीर से सूचना मिली थी कि तस्कर खैर की लकड़ी काटकर तस्करी कर ले जा रहे हैं। इस पर वन विभाग की महिला रेंजर सोनम मीणा, वन रक्षक राजेन्द्र डामोर और वेलदार मिट्टू लाल और दो वनसमिति सदस्य की टीम ने डाईखेड़ा गांव में पास मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी की। एक पिकअप गाड़ी और उसे एस्कॉर्ट करती एक कार आते हुए आते हुए दिखायी दी। नाकाबंदी देखकर तस्करों ने गाड़ी वापस घुमा ली और वाहन भगाने लगे। वनकर्मियों की टीम ने तस्करों का पीछा करने के लिए पहले सरकारी वाहन लेने की कोशिश की, लेकिन जब सरकारी वाहन स्टार्ट नहीं हुआ तो निजी वाहन से तस्करों का पीछा करना शुरू कर दिया। करीब 4 किलोमीटर पीछा करने के बाद तस्करों ने वनकर्मियों को रोकने के लिए पहला फायर किया। फिर भी हमारी टीम ने तस्करों का पीछा का पीछा करती रही।
तस्करों की एक पिकअप गाड़ी थी, जिसमें संभवता लकड़ी या डोडाचूरा भरा था और उस पिकअप को एक बड़ी कार एस्कॉर्ट कर रही थी। वन विभाग की टीम ने तस्करों का करीब 15 किलोमीटर तक पीछा किया। तस्करों के फायरिंग से वनकर्मियों की गाड़ी के शीशे भी टूट गए, गनीमत रही कि गोली किसी कर्मचारी को नहीं लगी। भींडर के पास खाना तालाब चौराहे पर तस्करों ने वन कर्मियों के वाहन के टायर पर गोली चलायी, इससे टायर फट गया और हमारी गाड़ी वहीं रूक गयी। इसके बाद तस्कर फरार हो गए।
हथियारों से लैस तस्करों का सामना करने वनकर्मियों के पास सिर्फ डंडे
इस घटनाक्रम ने न सिर्फ विभाग में संसाधनों की कमी को उजागर किया है, बल्कि बेखौफ होने तस्करों के इरादों को भी जाहिर किया है। वन विभाग में फील्ड ड्यूटी कर रहे वनकर्मियों के पास हथियार के नाम पर सिर्फ डंडे होते हैं। पिछले 10 वर्षों में वनकर्मियों के साथ संभवत ऐसा पहली बार हुआ है कि जब उन्होंने वनसंपदा की तस्करी के वाहन को रोकने का प्रयास किया हो और तस्करों ने उन पर फायरिंग कर दी हो।
डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।
रोचक वीडियोज के लिए एआर लाइव न्यूज के https://www.youtube.com/@arlivenews3488/featured यू-ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें


