केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में दी जानकारी
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। बालकों की देखभाल के लिए चलाए रहे संस्थानों में भी बच्चों के साथ मानसिक और शारीरिक क्रूरता होती है, बीते तीन सालों में देश में ऐसे 1010 केस सामने आए हैं, जहां संस्थानों में ही बच्चों का शारीरिक और मानसिक शोषण हो रहा था। यह जानकारी केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में दी है।
सरकार ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए ये तथ्य पेश किए। जिसके अनुसार 2019 में 412 मामले, 2020 में 322 घटनाएं और 2021 में 276 मामले सामने आए हैं। सभी राज्यों में से राजस्थान में ऐसी घटनाएं सबसे ज्यादा सामने आयी हैं।
आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक 246 मामले सामने आए, जिसमें 2019 में 80, 2020 में 100 और 2021 में 66 मामले दर्ज किए गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक केरल में तीन सालों में ऐसे 191 मामले हुए, गुजरात में 180 मामले दर्ज किए गए हैं। राजद सांसद प्रोफेसर मनोज कुमार झा के सवाल का जवाब दे रही थीं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने लिखित में यह जानकारी प्रस्तुत की है।

संस्थानों में निरीक्षण किए गए
सवाल के उत्तर में स्मृति ईरानी ने जानकारी दी कि सरकार बाल देखभाल संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण करती है। पिछले तीन वर्षों में देश के विभिन्न संस्थानों में 4268 निरीक्षण किए गए हैं। महाराष्ट्र में 597 निरीक्षण, तमिलनाडु में 415, राजस्थान में 394 और पंजाब में 264 निरीक्षण किए गए।
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