विधानसभा की कार्यवाही 2 अगस्त तक स्थगित
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान विधानसभा सत्र में सोमवार का दिन भारी हंगामे वाला रहा। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल के प्रस्ताव पर राजेंद्र गुढ़ा और मदन दिलावर को इस सत्र के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया। विधानसभा की कार्यवाही लगातार 3 बार स्थगित होने के बावजूद माहौल शांत नहीं हुआ। विपक्ष के लगातार हंगामे के चलते आखिरकार विधानसभा की कार्यवाही 2 अगस्त तक स्थगित कर दी गई।
शांति धारीवाल ने प्रस्ताव में कहा कि शून्यकाल के दौरान अध्यक्ष महोदय द्वारा स्थगन प्रस्तावों पर व्यवस्था दी जा रही थी। उस समय राजेंद्र सिंह गुढ़ा अचानक वैल में आसन की ओर आवेशित होकर डायस पर आकर अध्यक्ष महोदय को नियम विरूद्ध तरीके से संबोधित करने लगे। आसन की ओर से उनको शांत रहने के लिए कहा गया, लेकिन राजेंद्र गुढ़ा ने आसन के आदेशों की घोर अवहेलना की और अपमान किया। जानबूझकर सदन के कार्य में बाधा डालने का काम किया।
मार्शल द्वारा गुढ़ा को नहीं रोका जाता तो बहुत बड़ी घटना घटित हो सकती थी : धारीवाल
धारीवाल ने कहा कि राजेंद्र गुढ़ा ने मेरी डेस्क पर लगे माइक पर जोर से प्रहार किया और हाथापाई करने का प्रयास किया। यदि माननीय सदस्यों और मार्शल द्वारा गुढ़ा को नहीं रोका जाता तो निश्चित रूप से बहुत बड़ी घटना घटित हो सकती थी। गुढ़ा गंभीर चोट पहुंचाने के आशय से मेरी ओर आए थे। उनका कृत्य पूर्व नियोजित और दुराशय से प्रेरित होकर स्पष्ट परिलक्षित है। गुढ़ा ने आसन के साथ ही पूरे सदन का अपमान किया है।
राजस्थान विधानसभा में आज तक ऐसी घटना नहीं हुई। यह मामला दुर्लभतम है और संसदीय परंपराओं, नियमों और मर्यादाओं की घोर अवहेलना करता है। अतः राजेंद्र गुढ़ा को उनके गैर मर्यादित आचरण, सदन का अपमान एवं अनुशासनहीनता करने के कारण मैं प्रस्ताव करता हुं कि उन्हें इस सदन से पन्द्रहवीं विधानसभा की शेष अवधि के लिए निलंबित किया जाए।

दिलावर ने मुझ पर हमला करने की सुनियोजित योजना बनायी थी
धारीवाल ने कहा कि इसी के साथ-साथ आसन का अपमान करने में मदन दिलावर हमेशा से अग्रसर रहे है। आज भी इस घटना के पश्चात मदन दिलावर द्वारा मेरी ओर अग्रसर होकर मुझ पर हमला करने की सुनियोजित योजना बनायी गयी थी, जो प्रतिपक्ष के नेताओं द्वारा विरोध करने पर रूकी। मैं उनके लिए भी प्रस्ताव करता हूं कि इस सदन से पन्द्रहवीं विधानसभा की शेष अवधि के लिए उन्हें भी निलंबित किया जाए।
ध्वनिमत से पारित किए 4 संकल्प प्रस्ताव
विधानसभा द्वारा सोमवार को सदन में प्रस्तुत मणिपुर घटनाक्रम, ईआरसीपी, किसान ऋण माफी एवं जातिगत जनगणना से सम्बन्धित चार अलग-अलग संकल्प प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित किये गए। पहला प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल द्वारा, दूसरा संकल्प प्रस्ताव जल संसाधन मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीया ने प्रस्तुत किया, तीसरा संकल्प प्रस्ताव महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश द्वारा, चौथा संकल्प प्रस्ताव आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री गोविन्दराम मेघवाल द्वारा प्रस्तुत किया गया।
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