शेष 40 फीसदी राशि केन्द्र सरकार खर्च करेगी
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। जल जीवन मिशन के तहत हाल ही में स्वीकृत 22 हजार 854 करोड़ रूपए की पांच वृहद् पेयजल परियोजनाओं में राज्य सरकार द्वारा खर्च की जाने वाली राशि करीब 60 प्रतिशत होगी। शेष 40 फीसदी पैसा केन्द्र सरकार द्वारा खर्च किया जाएगा। कुल स्वीकृत राशि 22,854 करोड़ में से 14 हजार 778 करोड़ रूपए राज्य सरकार द्वारा खर्च किए जाएंगे जबकि 8 हजार 76 करोड़ रूपए केन्द्र खर्च करेगा।
एसीएस पीएचईडी डॉ. सुबोध अग्रवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में मेजर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जाखम बांध आधारित 3 हजार 693 करोड़ 17 लाख रूपए की वृहद परियोजना में राज्य सरकार की हिस्सा राशि 2117.21 करोड़ (57 प्रतिशत) होगी जबकि केन्द्रांश 1575.96 करोड़ (43 प्रतिशत) होगा। इस परियोजना में चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ी सादड़ी, भदेसर, भोपालगढ़, डुंगला, कपासन, निम्बाहेड़ा एवं राशमि के 707, उदयपुर जिले की भींडर, वल्लभनगर एवं मावली तहसील के 375, राजसमंद के रेलमगरा, राजसमंद, आमेट एवं कुम्भलगढ़ ब्लॉक के 302 गांवों व प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी ब्लॉक के 93 गांवों में 2 लाख 11 हजार 926 घरों में जल कनेक्शन दिए जाएंगे।
5739 गांवों के 15 लाख से अधिक घरों में जल कनेक्शन देंगे
7934 करोड़ की सीकर-झुंझुनूं परियोजना में 5610 करोड़ राज्यांश होगा। जबकि 5783 करोड़ की चम्बल-अलवर-भरतपुर परियोजना में राज्यांश 3531.68 करोड़ होगा। चम्बल-सवाई माधोपुर-नादोती पेयजल परियोजना में 3055.62 करोड़ का राज्यांश होगा। 820.85 करोड़ रूपए की कालीतीर पेयजल परियोजना में राज्य सरकार द्वारा 463.01 करोड़(56 प्रतिशत) रूपए खर्च किए जाएंगे। इन पांच परियोजनाओं से प्रदेश के 11 जिलों के 5739 गांवों के 15 लाख से अधिक घरों में हर घर जल कनेक्शन दिए जाएंगे।
जल कनेक्शन के लिए कम्यूनिटी कॉन्ट्रीब्यूशन नहीं देना पडेगा
एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जल जीवन मिशन के कनेक्शन में सामुदायिक सहयोग की राशि राज्य सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा की थी। राज्य सरकार की इस घोषणा से ग्रामीण परिवारों को जल कनेक्शन के लिए कम्यूनिटी कॉन्ट्रीब्यूशन नहीं देना पडेगा।


