11 मंजिला बिल्डिंग के 600 फ्लेट्स को भी इस योजना में शामिल करवाने का किया खेल
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। जल जीवन मिशन(जेजेएम) में बड़े स्तर पर गड़बड़ी करने वाले जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) उदयपुर के एसई (अधीक्षण अभियंता) विपिन जैन को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। सबसे खास बात यह है कि विपिन जैन ने जल जीवन मिशन योजना की गाइडलाइन को ताक में रखते हुए 11 मंजिला बिल्डिंग के 600 फ्लेट्स को इस योजना में शामिल कर तकनीकी स्वीकृति जारी करवाने के अनुचित प्रयास तक कर डाले।
भ्रष्टाचार, राजकार्य में अनियमिताएं और पद का दूरूपयोग करने को ध्यान में रखते हुए जलदाय विभाग के शासन उप सचिव गोपाल सिंह ने विपिन जैन ने निलंबन के आदेश जारी किए है। आदेश में लिखा है कि जैन पर लगे आरोपों की जांच के लिए गठित विजिलेंस टीम के सामने कई तथ्य आए है। उसी आधार पर विपिन जैन को निलंबित किया गया है।

विजिलेंस की जांच में ये तथ्य आए सामने
- जांच रिपोर्ट अनुसार विपिन जैन ने निविदा संख्या 47/22-23 एवं 64/2022 में मेसर्स निहाल चंद जैन इन्फा प्रोजेक्ट प्राइवेट लि० को तकनीकी रूप से अर्हित किया गया था जबकि जैन द्वारा मुख्य अभियंता को प्रेषित पत्रांक 13394 दिनांक 13.01.2023 में उक्त फर्म के निदेशक का निकट रिश्तेदार होना स्वीकार किया गया।
- इस प्रकार विपिन जैन ने निविदा संख्या 47/2022-23 में उक्त फर्म की वित्तीय बिड खोलकर E-Eproc से प्राप्त प्राप्त बीओक्यू एवं वित्तीय तुलना प्रपत्र वित्तीय बिड के अनुमोदन के लिए मय चैक लिस्ट, एनेक्जर मय तकनीकी स्वीकृतियों का विवरण संलग्न किया जाकर मैसर्स निहाल चन्द जैन इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की दरे अनुमानित दर से 0.01 प्रतिशत कम होना अंकित कर निकट रिश्तेदार होने के बावजूद उच्चाधिकारियों को अनुमोदन की अभिशंषा की गई।
- विपिन जैन द्वारा जल जीवन मिशन योजना की गाइडलाइन के विपरीत जाकर 11 मंजिला बिल्डिंग के 600 फ्लेट्स को शामिल कर तकनीकी स्वीकृति जारी करवाने के अनुचित प्रयास किये गये तथा मुख्य अभियंता जल जीवन मिशन को फर्जी पत्र के द्वारा तकनीकी स्वीकृति के प्रस्ताव प्रेषित कर तकनीकी स्वीकृति जारी कराने के प्रयास किये गये है तथा योजना के विलम्ब से राज्य सरकार पर वित्तीय भार बढ़ाने की संभावनों का सृजन किया गया।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता के पदनाम का भी किया दूरूपयोग
विजिलेंस की जांच में यह भी सामने आया है कि विपिन जैन द्वारा अति. मुख्य अभियंता के पद पर नहीं रहते हुये भी उनके पदनाम का उपयोग करते हुए तकनीकी स्वीकृति के प्रस्ताव प्रेषित कर तकनीकी स्वीकृति जारी कराने के प्रयास किये गये। जैन के इस कारनामे को जलदाय विभाग ने गंभीर माना है। जॉच रिपोर्ट में अंकित कृत्यों के दृष्टिगत विपिन जैन के विरूद्ध सीसीए नियम-16 के तहत विभागीय जांच कार्यवाही प्रस्तावित की गई है। निलंबन काल के दौरान जैन का मुख्यालय कार्यालय मुख्य अभियंता (परियोजनाद), जन स्वास्थ्य अभि विभाग जोधपुर रहेगा।
जिस प्रोजेक्ट की बड़े स्तर पर मॉनिटरिंग, एसई ने उसी में कर दिया खेल
घर घर पेयजल पहुंचाने के लिए चल रही जल जीवन मिशन का राज्य सरकार को फोकस है। सीएम अशोक गहलोत और जलदाय मंत्री महेश जोशी के निर्देशन में जलदाय विभाग के एसीएस डॉ.सुबोध अग्रवाल नियमित मॉनिटरिंग कर रहे है। एसई विपिन जैन ने उसी योजना में भ्रष्टाचार का खेल कर डाला। हालांकि उनका यह खेल जगजाहिर हो गया और आखिरकार को उनके निलंबन के आदेश भी जारी हो गए।
योजना में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी : डॉ.सुबोध अग्रवाल
जल जीवन मिशन में उदयपुर में गड़बड़ी का मामला सामने आते ही तत्काल एक्शन लिया गया है। एसई विपिन जैन को निलंबित कर दिया गया है। यह एक मैसेज है कि किसी भी योजना में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, चाहे कोई भी हो। जल जीवन मिशन पर राज्य सरकार का फोकस हैं। उसकी हर स्तर पर हम नियमित रूप से मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं।
डॉ.सुबोध अग्रवाल, एसीएस जलदाय विभाग जयपुर
डिसक्लेमर:एआर लाइव न्यूज(AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।


