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निलंबित डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया को हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत

Jitendra anchaliya got bail from high court jodhpur in corruption caseJitendra anchaliya got bail from high court jodhpur in corruption case

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। भुवाणा स्थित बेशकीमती भूखंड मामले में भ्रष्टाचार के आरोप में पिछले तीन महीने से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद निलंबित डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया को हाईकोर्ट से जमानत मिल गयी है(Jitendra anchaliya got bail)। जोधपुर हाईकोर्ट ने सोमवार को मामले में आरोपी जितेन्द्र आंचलिया और मनोज श्रीमाली की जमानत याचिका पर सुनवाई की और सशर्त जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने आंचलिया और मनोज श्रीमाली दोनों को ही उनके पासपोर्ट विचारण न्यायालय में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।

दोनों पक्षों ने दिए ये तर्क

आंचलिया के वकील ने कहा : आरोप सहअभियुक्त रोशनलाल(एसआई) के खिलाफ, आंचलिया निर्दोष हैं

जितेन्द्र आंचलिया के वकील ने हाईकोर्ट में तर्क देते हुए आंचलिया को निर्दोष बताया, वकील ने कहा परिवाद में आक्षेप मात्र सह-अभियुक्त रोशनलाल (पुलिस सब इंस्पेक्टर) के विरूद्ध हैं, कॉल डिटेल में भी रोशनलाल से वार्ता का उल्लेख है। संपत्ति लवलीना की थी, आंचलिया की नहीं। हाईकोर्ट के आदेश पर ही सहअभियुक्त लवलीना और अंकित मेवाड़ा की गिरफ्तारी पर रोक है। ऐसे में जितेन्द्र आंचलिया को भी जमानत का लाभ दिया जाए। मनोज श्रीमाली के वकील ने भी हाईकोर्ट में बचाव में तर्क दिए।

एसीबी ने कहा : एफएसएल रिपोर्ट के अनुसार कथित प्रलेख जितेन्द्र आंचलिया की हैंडराइटिंग में है

एसीबी के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट में जितेन्द्र आंचलिया और मनोज श्रीमाली की जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिए कि लवलीना और अंकित मेवाड़ा को एसीबी के जांच अधिकारी के समक्ष 20 मई को पेश होना है। अभी तक एसीबी में इन दोनों के बयान एसीबी में नहीं हुए हैं। वहीं एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त हो गयी है, जिसके अनुसार कथित प्रलेख जितेन्द्र आंचलिया की हस्तलिपि में है। जमानत मिलने पर जितेन्द्र आंचलिया के फरार होने की संभावना है, ये अन्य अभियुक्तगण व साक्षीगण को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकते हैं। वहीं मामले में अन्य अभियुक्तगणों की गिरफ्तारी होना शेष है। अतः इनकी जमानत आवेदन खारिज किए जाने का निवेदन है।

पासपोर्ट कोर्ट में जमा करेंगे, गवाहों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं करेंगे : हाईकोर्ट

दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जितेन्द्र आंचलिया और मनोज श्रीमाली को जमानत का लाभ देना उचित माना और दोनों के जमानत आदेश जारी कर दिए। साथ ही पासपोर्ट विचारण कोर्ट में जमा करवाने और साक्षीगण को किसी भी प्रकार से प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं करने के आदेश भी दिए हैं।

गौरतलब है कि एसीबी की टीम मामले में चारों आरोपियों जितेन्द्र आंचलिया, रोशनलाल, मनोज श्रीमाली और रमेश राठौड़ के खिलाफ उदयपुर एसीबी स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुके हैं। हालां कि एसीबी सप्लीमेंट्री चार्जशीट अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और लवलीना व अंकित मेवाड़ा के बयानों के बाद दाखिल करेगी। गौरतलब है कि एसीबी ने भ्रष्टाचार के आरोप में 10 फरवरी को जितेन्द्र आंचलिया, सुखेर थाने के एसआई रोशनलाल, भूमि दलाल मनोज श्रीमाली और रमेश राठौड़ को गिरफ्तार किया था।

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