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निलंबित डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया की हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज, कोर्ट में सुनवाई के दौरान हुए नए खुलासे

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आंचलिया की ओर से हाईकोर्ट में स्वीकार किया गया कि समझौते की रसीद खुद अपने हाथ से लिखी थी

डोषी (doshi) एंटरप्राइजेज से 70 लाख रूपए से भरा बैग लेकर निकले थे आंचलिया

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। जोधपुर हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद निलंबित डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया सहित सह अभियुक्त भूमि दलाल मनोज श्रीमाली और रमेश राठौड़ की जमानत याचिका खारिज कर दी (jitendra anchaliya bail application reject)। कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए आदेश में लिखा कि दोनों पक्षों के तर्कों को सुना गया। प्रकरण की जांच चल रही है और सह अभियुक्त लवलीना व अंकित मेवाड़ा फरार हैं, सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अभियुक्तगण जितेन्द्र आंचलिया, रमेश राठौड़ और मनोज श्रीमाली को जमानत का लाभ देना उचित प्रतीत नहीं होता है। ऐसे में इनकी जमानत याचिका को खारिज किया जाता है।

वॉइस सैंपल देने से आंचलिया ने इनकार किया

हाईकोर्ट में एसीबी की ओर से अतिरिक्त राजकीय महाधिवक्ता ने तर्क रखते हुए बताया कि 9 मार्च को मजिस्ट्रेट के समक्ष अभियुक्त जितेन्द्र आंचलिया द्वारा वॉइस सैंपल देने की तिथि नियत थी, लेकिन जितेन्द्र आंचलिया ने वॉइस सैंपल देने से इनकार कर दिया है। जितेन्द्र आंचलिया की ओर से हाईकोर्ट में स्वीकार किया गया कि समझौते की रसीद उनके द्वारा ही लिखी थी।

दोशी(doshi) एंटरप्राइजेज से 70 लाख रूपए से भरा बैग लेकर निकले थे आंचलिया

जोधपुर हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करने के आदेश के ब्रीफ में अतिरिक्त राजकीय महाधिवक्ता के इस तर्क को भी शामिल किया है, जिसमें बताया गया कि एसीबी के परिवादी एनआरआई नीरज पूर्बिया व नीलेश मेवाड़ा के दिए गए बयानों के अनुसार जितेन्द्र आंचलिया डोषी (doshi) एंटरप्राइजेज में दोबारा आए और वहां से 70 लाख रूपए से भरा बैग लेकर निकले थे।

नीरज पूर्बिया ने बताया कि जितेन्द्र आंचलिया ने समझौता करने के समय उन्हें भट्ट जी की बाड़ी स्थित दोशी एंटरप्राइजेज बिंल्डिंग के शोरूम में बुलाया था। यही बैठकर 70 लाख रूपए गिनकर आंचलिया ने लिए थे। जिन्हें वह एक बैग में रखकर ले गया था। जानकारी के अनुसार डोषी एंटरप्राइजेज जितेन्द्र आंचलिया के परिचित पंकज दोशी की है। इस कंपनी के रिकॉर्ड में आने के बाद एसीबी अब इसके मालिक से पूछताछ करेगी और कंपनी का प्रोफाइल भी चेक करेगी। पड़ताल की जाएगी कि यह कंपनी क्या काम करती है और इसमें रूपयों का रोटेशन कैसे होता है।

एक महीने पहले 10 फरवरी को गिरफ्तार हुए थे जितेन्द्र आंचलिया

गौरतलब है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने 10 फरवरी को भुवाणा स्थित बेशकीमती भूखंड मामले में एक करोड़ रूपए से अधिक रिश्वत और भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित डीएसपी जितेन्द्र आंचलिया, एसआई रोशनलाल और दो भूमि दलाल रमेश राठौड़ और मनोज श्रीमाली को गिरफ्तार किया था। आज 10 मार्च को आंचलिया को गिरफ्तार हुए पूरा एक महीना हो गया है। एसीबी रिमांड पूरी होने के बाद 13 फरवरी से जितेन्द्र आंचलिया सहित चारों आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद हैं।

एसीबी मामले की जांच कर रही है। मामले की अहम कड़ी लवलीना और अंकित मेवाड़ा फरार चल रहे हैं। जितेन्द्र आंचलिया सहित गिरफ्तार चारों आरोपियों की उदयपुर में एसीबी की स्पेशल कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज हो गयी थी, जिसके बाद जितेन्द्र आंचलिया, मनोज श्रीमाली और रमेश राठौड़ ने जोधपुर हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी।

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