- नारायण सेवा का 39वां दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह 25-26 फरवरी को
- 6 राज्यों के इन जोड़ो को आशीर्वाद देंगे देश-विदेश के समाजसेवी
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। नारायण सेवा संस्थान की ओर से 25-26 फरवरी को 39वां दिव्यांग एवं निर्धन निशुल्क सामूहिक विवाह समारोह होगा। नारायण सेवा संस्था के बड़ी स्थित परिसर में विवाह समारोह हल्दी, मेहंदी, संगीत सहित सभी रीति-रिवाजों और रस्मों के साथ सम्पन्न होगा। इस सामूहिक विवाह समारोह में 6 राज्यों के 51 निर्धन व दिव्यांग जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे।
खासबात है कि सामूहिक विवाह का ध्येय वाक्य “जल ही जीवन” होगा। इसमें नवयुगलों को सात फेरों के वचन के साथ यह शपथ भी दिलाई जाएगी कि जल का दुरूपयोग न करेंगे और इस संदेश को अपने आस.पड़ौस में भी निरन्तर प्रसारित करेंगे।
संस्थान मीडिया प्रभारी विष्णु शर्मा हितैषी ने बताया कि इस आयोजन में शामिल होने के लिए पूरे देश से अतिथिगण आ रहे हैं। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से करीब 1500 अतिथि भी भाग लेंगे। विवाह की तैयारियों को विभिन्न समितियां गठित कर अंतिम रूप दे दिया गया है। संस्थान अब तक 38 दिव्यांग व निर्धन निशुल्क सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करवा चुका है, जिसमें अब तक 2200 दिव्यांग एवं निर्धन जोड़ों की गृहस्थी बसी है। विष्णु शर्मा हितैषी ने कहा कि यह बताकर प्रसन्नता हो रही है कि संस्थान द्वारा आयोजित हुए सामूहिक विवाह समारोह में जितने भी जोड़े विवाह बंधन में बंधे, सभी की गृहस्थी अच्छी चल रही है और सभी एक-दूसरे के साथ खुश हैं।

51 जोड़ों के लिए होगीं 51 वेदी और 51 वेद-आचार्य
संस्थान जनसंपर्क अधिकारी भगवान प्रसाद गौड़ ने कहा 25 फरवरी को शुभ मुहूर्त में संस्थान संस्थापक पद्मश्री कैलाश मानव कमला देवी अग्रवाल व विशिष्ट अतिथियों के सानिध्य में गणपति स्थापना एवं 11.15 बजे दूल्हा-दुल्हन के हल्दी की रस्म व दोपहर में वैवाहिक गीत-नृत्य के बीच मेहंदी की रस्म पूरी होगी।
अगले दिन 26 फरवरी सुबह 9 बजे बड़ी स्थित संस्थान परिसर में दूल्हा-दुल्हन की गाजे-बाजों के साथ बिन्दोली निकाली जाएगी। इसके बाद दोपहर 1.15 बजे दूल्हों द्वारा क्रमबद्ध तोरण की रस्म निभाई जाएगी। गणपति पूजन एवं आराधना नृत्य के साथ दूल्हा-दुल्हन वरमाला के लिए मंचासीन होंगे और एक-दूसरे के गले में वरमाला पहनाएंगे। भव्य पाण्डाल में 51 वेदी-अग्निकुण्ड बनाए गए हैं, जहां जोड़ों का वैदिक रीति से विवाह सम्पन्न होगा। प्रत्येक वेदी पर एक आचार्य उन्हें अग्नि के सात फेरे लगवायेंगे। सभी आचार्य मुख्य आचार्य के निर्देशन में वैदिक मत्रों के उच्चारण के साथ विवाह की सम्पूर्ण रस्मे पूर्ण करवाएंगे।
गृहस्थी के सामान के साथ होगी विदाई
शिविर संयोजक नरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि परिणय सूत्र में बंधने वाले जोड़ों व उनके परिजनों का आगमन प्रारम्भ हो गया है। राजस्थान, बिहार, उत्तरप्रदेश, झारखण्ड, मध्यप्रदेश और गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले इन जोड़ों व उनके परिजनों के सम्पूर्ण सुविधा युक्त आवास यातायात, भोजन आदि की व्यवस्था बड़ी स्थित संस्थान परिसर में ही की गई है।
सभी नवयुगलों को विवाहोपरंत संस्थान व अतिथियों द्वारा उपहार प्रदान किए जाएंगे। संस्थान की ओर से एक नव गृहस्थी के लिए आवश्यक सभी सामान प्रदान किया जाएगा। जिसमें गैस, चूल्हा, पलंग, बिस्तर, संदूक, अलमारी, बर्तन, पानी की टंकी जैसे रसोई में काम आने वाले सामान आदि शामिल है। इसके अलावा मंगल सूत्र, लोंग, पायल, कर्णफूल, बिछिया आदि भी उपहार स्वरूप प्रदान किए जाएंगे।
डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज(AR Live News)से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।


