बांसवाड़ा, डूंगरपुर जिला अभी भी सुरक्षित: प्रतापगढ़ जिले की स्थिति भी ज्यादा ठीक नहीं
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)।प्रदेश भर में भूजल की स्थिति के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आये हैं। उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़ और प्रतापगढ़ जिले की स्थिति भी भूजल के दोहन की दृष्टि से चिंताजनक हैं। प्रतापगढ़ जिला भी भावी संकट के संकेत दे रहा है। हालांकि राहत की बात यह हैं कि उदयपुर संभाग का बांसवाड़ा, डूंगरपुर जिला अभी भी सुरक्षित स्थिति में हैं।
रिपोर्ट के हिसाब से उदयपुर संभाग के उदयपुर सहित राजसमंद, चित्तौड़ और प्रतापगढ़ जिले की स्थिति विकट नजर आ रही हैं। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार उदयपुर जिले में 18 में से 7 ब्लॉक, चित्तौड़ जिले में सभी 11 ब्लॉक, राजसमंद में 7 में से 5 और प्रतापगढ़ जिले में 5 में से 3 ब्लॉक ऐसे है जहां भूजल का अति दोहन हो रहा हैं।

आने वाले समय में पेयजल की विकट स्थिति भी बन सकती
राज्य के 295 ब्लॉक एवं सात शहरी क्षेत्रों में से 219 ब्लॉक अतिदोहित श्रेणी में आ चुके है। उदयपुर जिले में 10 ब्लॉक संवेदशील और 1 अर्द्ध संवेदशील, राजसमंद जिले में 2 ब्लॉक संवेदशील और प्रतापगढ़ जिले में 1 ब्लॉक संवेदशील श्रेणी में आ चुका हैं। आने वाले समय में इन क्षेत्रों में भूजल और ज्यादा नीचे चले जाने से पेयजल की विकट स्थिति भी बन सकती हैं। राज्य के 295 ब्लॉक एवं सात शहरी क्षेत्रों में से 219 ब्लॉक को अतिदोहित श्रेणी में है।

बांसवाड़ा, डूंगरपुर जिला भूजल दोहन के मामले में सुरक्षित
भूजल दोहन के मामले में उदयपुर संभाग में बांसवाड़ा जिले के 11 में से 6 ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में जबकि 5 अर्द्ध संवेदशील की श्रेणी में है। डूंगरपुर जिले में 10 में 8 ब्लॉक सुरक्षित और 2 अर्द्ध संवेदशील श्रेणी में है। ऐसे में साफ होता हैं कि मेवाड़ के आदिवासी क्षेत्र वाले इन दो जिलों में फिलहाल भूजल का दोहन सीमित मात्रा में हो रहा हैं, लेकिन जो ब्लॉक अर्द्ध संवेदशील श्रेणी में आ चुके हैं वहां भूजल दोहन को नियंत्रित करने की जरूरत नजर आ रही हैं। प्रतापगढ़ जिले में सिर्फ 1 ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में हैं।
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