रक्षा मंत्री ने पन्नाधाय,चंदन और उदयसिंह की प्रतिमा का किया अनावरण
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अगर पन्नाधाय नहीं होती तो इतिहास कुछ और होता। यदि धाय मां पन्ना नहीं होती तो न उदय सिंह होते और नहीं वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप। ऐसे में पन्नाधाय का बलिदान आज भी याद किया जाता है और सदियों सदियों तक याद किया जाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को उदयपुर में गोवर्धन सागर किनारे पन्नापार्क में पन्नाधाय, चंदन और उदयसिंह की प्रतिमा के अनावरण समारोह में यह बात कही। सिंह ने कहा कि हमारे महापुरुषों की प्रतिमाएं आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। साम्राज्य और सम्राटों को सभी याद करते हैं, लेकिन साम्राज्य और सम्राटों को बनाने वालों के पीछे जिन लोगों ने बलिदान दिया है उन्हें भी याद किया जाना चाहिए। धाय मां पन्ना इसी बलिदान की वेदी पर एक अमर पन्ना है।

रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर हो रहा है भारत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारत अपने दम पर दुनिया का ताकतवर देश बन गया है और रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर हो रहा है। सेना की जरूरतों का साजो सामान हम यहीं भारत में बनाना चाहते हैं और रक्षा ख़रीद का 68 फिसदी हिस्सा भारत से ही खरीदेंगे। यदि कोई विदेशी कंपनी भारत में व्यापार करना चाहती है तो उसके लिए यह विकल्प है कि वह भारत में आए, फैक्ट्री लगाए, उत्पादन करे, ताकि भारत के हाथों को काम मिल सके।

पन्नाधाय ने राज भक्ति के लिए पुत्र का बलिदान दिया जो विश्व में सर्वोच्च है
केंद्रीय मंत्री केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि राजस्थान की धरती को कई वीरों और वीरांगनाओं ने अपने बलिदान से सींचा है, उनमें से पन्नाधाय भी एक है। यहाँ कई वीरांगनाओं ने राजभक्ति के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर किया है। अपने पुत्र को बलिदान कर देना कोई मामूली बात नहीं है, लेकिन पन्नाधाय ने राजभक्ति के लिए एवं अपने राज्य की रक्षार्थ अपने पुत्र को बलिदान कर दिया, ऐसा बलिदान विश्व में सर्वोच्च बलिदान है।

हम पन्नाधाय के ऋणी है, मातृभूमि की रक्षा के लिए पुत्र का बलिदान दे दिया
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि हम पन्नाधाय के ऋणी है जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने पुत्र का बलिदान दे दिया। समारोह में सांसद कनकमल कटारा, सीपी जोशी,विधायक फूलसिंह मीणा, मेयर जीएस टांक, डिप्टी मेयर पारस सिंघवी, निगम आयुक्त हिम्मतसिंह बारहठ और गुर्जर समाज अध्यक्ष रामेश्वर लाल गुर्जर सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।



