AR Live News
Advertisement
  • Home
  • About us
  • National
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • Uttar Predesh
  • Gujarat (Hindi)
  • International
  • Expert Articles
  • Education
  • Entertainment
  • Youtube
  • Photo Gallery
  • Contact us
No Result
View All Result
  • Home
  • About us
  • National
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • Uttar Predesh
  • Gujarat (Hindi)
  • International
  • Expert Articles
  • Education
  • Entertainment
  • Youtube
  • Photo Gallery
  • Contact us
No Result
View All Result
AR Live News
No Result
View All Result
Home Home

उदयपुर संभाग के सागवाड़ा में दिखी काली गिलहरी: राजस्थान में पहली बार दिखी यह अनोखी गिलहरी

Lucky Jain by Lucky Jain
August 29, 2022
Reading Time: 1 min read
rare black squirrel spotted in sagwara dungarpur first sighting in rajasthan


Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। वागड़-मेवाड़ की समृद्ध जैव विविधता के सतरंगी रंग अब दुर्लभ और अनोखे जीव जन्तुओं के यहां दिखाई देने के रूप में धीरे-धीरे दिखाई दे रहे है। भारत में पहली बार और विश्व में तीसरी बार ल्यूसिस्टिक कॉमन किंगफिशर पक्षी की उदयपुर में साईटिंग के बाद अब संभाग के सागवाड़ा शहर के समीप काली गिलहरी दिखाई दी है।

राजस्थान में अपनी तरह की पहली काली गिलहरी को खोजने, क्लिक करने और पुष्टि करने का श्रेय वागड़ नेचर क्लब सदस्य ख्यातनाम तितली विशेषज्ञ सागवाड़ा निवासी मुकेश पंवार को जाता है।

मुकेश पंवार ने बताया कि दुर्लभ मेलाविस्टिक फॉर्म में गिलहरियां तो दिखाई देती हैं, परन्तु सामान्य गिलहरियों के बीच एक विशिष्ट गिलहरी है काली गिलहरी। उन्होंने बताया कि यह जीव पूर्णतया काले रंग में है, इसके शरीर के बाल, आंखे, पूंछ के बाल सभी कुछ एक जैसे काले रंग में हैं। दो अलग-अलग स्थानों पर दो काली गिलहरियां दिखाई दी हैं।

प्रथम दृष्टया तो इसे देखने पर गिलहरी जैसा कोई अन्य जीव लग रहा था, परन्तु लगातार चार दिनों तक इसके व्यवहार को देखने पर मालूम हुआ कि यह सामान्य गिलहरियां ही है, सिर्फ रंग काला है। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि इस एक मादा गिलहरी के साथ दो बच्चे अन्य सामान्य गिहलरियों जैसे ही हैं। ये पूर्ण वयस्क एवं स्वस्थ है।

highlight advertisement

जैसे ब्लैक पैंथर और ब्लैक टाईगर होते हैं, वैसे ही यह ब्लैक गिलहरी है

पादरड़ी बड़ी के सर्प विशेषज्ञ धर्मेन्द्र व्यास ने बताया कि सामान्यतया समस्त जीवों की त्वचा का रंग आनुवांशिक रूप से निर्धारित रहता है, परन्तु लाखों में एक जीव मेलानिस्टिक डार्क फोर्म गहरे या काले रंग में हो सकता है। यह कोई रोग या आनुवांशिक नहीं भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि उड़ीसा के जंगल में ब्लैक टाईगर तथा कर्नाटक, महाराष्ट्र आदि में ब्लैक पैंथर दिख चुके हैं, ठीक उसी तरह ये काली गिलहरियां भी सागवाड़ा क्षेत्र में दिखी हैं।

इस दुर्लभ जीव की साईटिंग पर वागड़ नेचर क्लब के डॉ कमलेश शर्मा, वीरेन्द्रसिंह बेड़सा, रुपेश भावसार, विनय दवे सहित अन्य सदस्यों सहित संभागभर के प्रकृति व पर्यावरण विशेषज्ञों ने खुशी जताई है।

एक्सपर्ट बोलेः राजस्थान का पहला मामला

प्रसिद्ध पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि राजस्थान में काली गिलहरी की साईटिंग का कोई आधिकारिक रिकार्ड उपलब्ध नहीं है, संभवतः राजस्थान का यह पहला मामला है। उन्होंने कहा कि समृद्ध जैव विविधता के कारण वागड़.मेवाड़ अंचल दुर्लभ प्रजातियों के जीवों के लिए भी मुफिद दिखाई दे रहा है। ऐसे में काली गिलहरियों की साईटिंग के बाद एक बार पुनः हमें इस जैव विविधता को सहेजने की तरफ ध्यान देना होगा।

Tags: nature newsrare black squirrelrare black squirrel first sighting in rajasthanrare black squirrel spotted in mewarrare black squirrel spotted in sagwararare specieswild news

visitors

arlivenews
  • Home
  • About us
  • National
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • International
  • Expert Articles
  • photo gallery
  • Entertainment
  • Privacy Policy
  • Archives
  • Contact us

© 2019 All Rights Reserved by ARLive News .

error: Copy content not allowed
No Result
View All Result
  • Home
  • About us
  • National
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • Uttar Predesh
  • Gujarat (Hindi)
  • International
  • Expert Articles
  • Education
  • Entertainment
  • Youtube
  • Photo Gallery
  • Contact us

© 2019 All Rights Reserved by ARLive News .