सार्वजनिक जवाबदेही, पारदर्शिता व जनसंतुष्टि के लिए अथाॅरिटी का गठन
जयपुर(एआर लाइव न्यूज़)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के युवाओं के हितों में अनेक अहम फैसले लिए गए हैं।
बैठक में ईडब्ल्यूएस की आयु सीमा छूट के प्रावधानों में 4 सेवा नियमों को जोड़कर राजकीय नियुक्तियों के रास्ते खोले गए है। पंचायती राज एलडीसी भर्ती-2013 के 4000 पदों को भरने की कार्यवाही आगे बढ़ाकर और शिथिलन देकर राजकीय नियुक्ति का इंतजार कर रहे युवाओं को सौगात दी है। इनके अलावा भी कई निर्णय लिए गए है।
राजस्थान सोशल एण्ड परफॉरमेंस ऑडिट अथोरिटी का होगा गठन
मंत्रिमंडल ने राजस्थान सोशल एंड परफॉरमेंस ऑडिट अथाॅरिटी का गठन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस निर्णय से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में सावर्जनिक जवाबदेही के साथ ही पारदशिर्ता, जनसहभागिता, जनसंतुष्टि व गुणवत्ता सुनिश्चित हो सकेगी। राजकीय विभागों तथा उपक्रमों व योजनाओं/कायर्क्रमों को लागू करने वाली अन्य एजेंसीज के कार्य निष्पादन का आंकलन भी हो सकेगा। अथाॅरिटी में चिकित्सक, इंजीनियर, आकिर्टेक्ट, सांख्यिकीविद्, अथर्शास्त्री, प्रोफेसर, सूचना तकनीक विशेषज्ञ, कर विशेषज्ञ, पीएफएम विशेषज्ञ व अन्य विभिन्न डोमेन के विशेषज्ञों को आवश्यकतानुसार रखा जाएगा।
ईडब्ल्यूएस को राहत, शेष 4 सेवा नियमों में भी अधिकतम आयु में छूट
मंत्रिमंडल ने आथिर्क रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के अभ्याथिर्यों को राहत प्रदान की है। आवेदन की अधिकतम आयु सीमा छूट में शेष रहे 4 सेवा नियमों को भी शामिल करने पर मोहर लगाई गई है। अब ‘राजस्थान पुस्तकालयाध्यक्ष और शारीरिक प्रशिक्षक अनुदेशक सेवा (महाविद्यालय शाखा) नियम, राजस्थान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम, राजस्थान होमगाडर् अधीनस्थ सेवा नियम एवं राजस्थान विश्राम भवन (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम में भी आयु सीमा में छूट मिलेगी। इससे निधार्रित आयु सीमा पार कर चुके ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आयु सीमा में लाभ मिलेगा।

पुनर्नियुक्ति सेवानिवृत्त कामिर्कों को मूल वेतन पर मिलेगा एचआरए
मंत्रिमंडल ने राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1966 में संशोधन करते हुए सेवानिवृत्त कामिर्कों के हित में अहम फैसला किया है। अब सेवानिवृत्त कमर्चारी जिनकी पे-माइनस पेंशन के आधार पर पुनर्नियुक्ति की जाती है, उनको अब मकान किराया भत्ता (एचआरए) सेवानिवृत्ति की दिनांक को उनके द्वारा प्राप्त किए गए अंतिम मूल वेतन पर देय होगा। साथ ही उन्हें चिकित्सा सुविधा आरजीएचएस के अंतगर्त देय होगी।

पैलेस ऑन व्हील्स का संचालन अब o&m माॅडल पर
विदेशी पयर्टकों के बीच प्रसिद्ध पैलेस आॅॅन व्हील्स फिर से शुरू होगी। अब ट्रेन को वर्ष 2022-23 से भारतीय रेलवे की ‘भारत गौरव ट्रेन पाॅलिसी‘ के अंतगर्त संचालन एवं रखरखाव माॅडल पर संचालित किया जाएगा। इससे राजस्थान पयर्टन विकास निगम को प्रतिवर्ष एक निश्चित राजस्व प्राप्त होगी। निजी सहभागिता से ट्रेन में पयर्टकों को और अधिक सुविधाएं मिलेंगी। ट्रेन का संचालन अक्टूबर 2022 से प्रस्तावित है। ट्रेन का स्वामित्व आरटीडीसी के पास ही रहेगा।
ये बड़े निर्णय भी लिए गए
- मंत्रिमंडल ने ‘‘राजस्थान हस्तशिल्प नीति-2022‘‘ का अनुमोदन कर दिया है। इससे हस्तशिल्पियों के उत्थान में कार्य किए जाएंगे। प्रत्येक वर्ष दिसंबर में राष्ट्रीय स्तर के हस्तशिल्प सप्ताह का आयोजन होगा, जिसमें हस्तशिल्पियों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके राज्य स्तरीय माॅनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री, राजस्थान होंगे।
- मंत्रिमंडल ने राजस्थान शहीद रक्षा कामिर्कों के आश्रितों की नियुक्ति नियमों में अहम संशोधन कर राहत प्रदान की है। राजस्थान शहीद रक्षा कामिर्कों के आश्रितों की नियुक्ति नियम, 2018 को निरस्त कर नये नियम ‘राजस्थान शहीद रक्षा कामिर्कों के आश्रितों की नियुक्ति नियम, 2022‘ को स्वीकृति दी गई है। अभी तक 15 अगस्त 1947 से 31 दिसंबर 1970 की अवधि के शहीदों के एक आश्रित को राजकीय सेवा में नियोजित करने का प्रावधान है। इसे अब बढ़ाकर 31 दिसंबर 1971 तक की अवधि कर दी गई है। इससे 1971 के युद्ध में शहीद हुए जवानों के परिजनों को भी लाभ मिल सकेगा। वहीं, अब कुटुम्ब के सदस्य के रूप में शहीद की पत्नी, पुत्र/दत्तक पुत्र, पुत्री/दत्तक पुत्री, पौत्र/दत्तक पौत्र, पौत्री/दत्तक पौत्री के साथ-साथ नवासा/दत्तक नवासा, नवासी/दत्तक नवासी को और शहीद अविवाहित होने पर भाई या बहन, भाई का पुत्र/पुत्री, बहन का पुत्र/पुत्री को भी आश्रित श्रेणी में शामिल किया गया है।
- अब मृत सरकारी कमर्चारियों के आश्रितों के अनुकम्पा नियुक्ति नियम, 1966 के अनुरूप ही शहीद आश्रितों को भी उक्त नियमों में अधीनस्थ सेवाओं/मंत्रालयिक सेवाओं एवं चतुर्थ श्रेणी की सेवा के सीधी भर्ती के पे-लेवल 1 से 10 तक के पदों पर नियुक्ति मिल सकेगी।
- पंचायतीराज कनिष्ठ लिपिक सीधी भर्ती-2013 में भरे जाएंगे 4000 पद मंत्रिमंडल ने कनिष्ठ लिपिक भर्ती-2013 के क्रम में 4000 अभ्यथिर्यों को नियमित नियुक्ति देने का बड़ा निर्णय लिया हैै। जिला परिषदों द्वारा राजस्थान पंचायती राज के प्रावधानों के अनुसार भर्ती आयोजित की गई थी। वर्ष 2017 में बंद भर्ती प्रक्रिया को अब फिर से शुरू किया जा रहा है। अब 2013 की वरीयता सूची के अनुसार प्रतीक्षा सूची जारी की जाएगी।
- अन्य राज्य या केन्द्र सरकार में कायर्रत पदक विजेता कामिर्कों को मिलेगा राज्य में पे-प्रोटेक्शन मंत्रिमंडल ने ‘राजस्थान आउट आॅफ टनर् अपाॅइंटमेंट टू स्पोट्सर् मेडल विनसर् रूल्स 2017‘ में संशोधन किया है। इससे राजस्थान राज्य के निवासी जो किसी अन्य राज्य अथवा केंद्र सरकार में अधिकारी/कमर्चारी है, उन्हें खेलों में पदक जीतने पर राज्य में पे-प्रोटेक्शन मिलेगा।
- विधानसभा सचिवालय में प्रमुख अनुसंधान एवं संदर्भ अधिकारी के पद पर पदोन्नति संबंधित प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। इससे उक्त संवर्ग के अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा।
- विश्राम भवन प्रबंधक के 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती द्वारा भरे जाएंगे। इस निर्णय से सर्किट हाउस प्रबंधक के 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती व 50 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जा सकेंगे। इससे सीधी भर्ती के पदों में वृद्धि होगी। युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। वतर्मान में राजस्थान विश्राम भवन (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम, 2019 में प्रबंधक पद 75 प्रतिशत पदोन्नति से और 25 प्रतिशत सीधी भर्ती से भरे जाते है।
- मंत्रिमंडल ने राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड लनिर्ंग को कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के अंतगर्त स्थापित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। इस निणर्य से प्रदेश में उद्योग स्थापना की सम्भावनाओं में बढ़ोतरी होगी।- चिकित्सा महाविद्यालय भरतपुर का नाम अब श्री जगन्नाथ पहाड़िया चिकित्सा महाविद्यालय, भरतपुर होगा।




