ठेेकेदार पहुंचा कोर्ट, यूआईटी के नोटिस पर 16 अगस्त तक लगा स्टे
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। फतहसागर में नाव संचालन कर रही मेवाड़ बोटिंग कंपनी की अनुबंध अवधि शनिवार को समाप्त हो गई। नाव संचालन बंद करने और तत्काल अपना सामान झील किनारे से हटाने का यूआईटी से नोटिस जारी होते ही ठेकेदार ने कोर्ट की शरण ली और शनिवार को उसे स्टे भी मिल गया।
फतहसागर में गुरुगोविंद सिंह पार्क सामने से नेहरू गार्डन तक और मोतीमगरी के सामने वाले बोटिंग स्टैंड से नाव संचालन के लिए मेवाड़ बोटिंग को ठेका दिया गया था। कोरोना काल व अन्य परिस्थितियों को देखते हुए ठेकेदार ने इसी साल 26 मई को यूआईटी को पत्र देकर अनुबंध अवधि बढ़ाने आग्रह किया था। उस आधार पर अनुबंध अवधि को 30 जुलाई 2022 तक बढ़ा दिया गया। वह अवधि भी शनिवार को पूरी हो गई। यूआईटी ने एक दिन पहले ही मेेवाड़ बोटिंग कंपनी को नोटिस जारी किया था।

मेेवाड़ बोटिंग कंपनी को 30 जुलाई से नाव संचालन बंद करने और बोटिंग स्टैंड और जेटी के आसपास रखे अस्थाई रूप से रखे सामान को तत्काल हटाकर परिसर यूआईटी के सुपुर्द करने के निर्देश दिए थे। नोटिस जारी होते ही ठेकेदार ने शनिवार को स्थानीय कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश कर दिया। कोर्ट ने यूआईटी द्वारा नाव ठेकेदार को जारी नोटिस पर आगामी 16 अगस्त तक स्टे दे दिया है। अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी।
ठेकेदार ने कोर्ट में यह दिया तर्क
मेवाड़ बोटिंग कंपनी के वकील ने कोर्ट में तर्क दिए कि 24 घंटे का नोटिस दिया गया है और सामान नहीं हटाने पर तोडफ़ोड़ कर हटाया जा सकता है। 29 जुलाई को दोपहर 3 बजे नोटिस दिया गया,मौके पर प्रार्थी की जेठियां, केबिन व अन्य सामान पड़े हुए है। इनको तुरंत हटाया जाना संभव नहीं है। इस पर कोर्ट ने यूआईटी के नोटिस पर आगामी पेशी(16 अगस्त 2022) तक स्टे लगा दिया है और मौके पर यथास्थिति के आदेश दिए है।



