कोर्ट का बड़ा फैसला
पर्यटन नगरी में हुई इस घटना ने शहरवासियों को स्तब्ध कर दिया था
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर में 28 जून 2018 अलसुबह अहमदाबाद से बेटी और दोहिते के साथ लौटे वरिष्ठ आबकारी अधिकारी यशवंत शर्मा का उदियापोल से अपहरण, लूट और हत्या मामले में अपर सेशन न्यायालय क्रम संख्या-4 ने पांच आरोपियों को आजीवन कारावास और 20500 रूपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
एडीजे-4 कोर्ट न्यायाधीश जयमाला पानीगर ने गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र इन्द्रा कॉलेनी निवासी जगदीश पुत्र गिरधारी लाल, बलीचा निवासी रमेश पुत्र खेमराज, दक्षिण विस्तार योजना निवासी राजमल पुत्र दलीचंद, गणेशलाल पुत्र रोड़ा और मठ मादड़ी प्रतापनगर निवासी दीपक पुत्र भंवरलाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा पांचों आरोपियों पर कुल 20500 रूपए का जुर्माना लगाया है।
कोर्ट का यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्यों कि 2018 में हुई इस वारदात ने तब उदयपुर में पर्यटकों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया था।
मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक संदीप श्रीमाली ने मजबूत पैरवी की, वहीं तत्कालीन सूरजपोल थानाधिकारी आदर्श कुमार ने बतौर केस ऑफिसर बारीकी से अनुसंधान कर आरोपियों को सजा दिलवाने में अहम भूमिका निभाई है।

उदियापोल पर सुबह ऑटो नहीं मिला था, इसलिए वैन में बैठ गए थे आबकारी अधिकारी
28 जून 2018 को उदयपुर के हिरणमगरी सेक्टर 3 निवासी वरिष्ठ आबकारी अधिकारी यशवंत शर्मा (55), बेटी नेहा (32) और 5 साल की दोहिते के साथ अहमदाबाद से लौटे थे। बस ने सुबह 4 बजे इन्हें उदियापोल चौराहे के पास उतारा था। सुबह तड़के घर तक जाने के लिए ऑटो नहीं मिला, तब ही एक वैन इनके पास आकर रूकी। वैन चालक ने यशवंत शर्मा को कहा कि वे हिरणमगरी की तरफ ही जा रहे हैं और 100 रूपए में उन्हें घर तक छोड़ देंगे।
वैन में चालक के अलावा अन्य 4 लोग भी सवारी बनकर बैठे थे। इस पर यशवंत शर्मा बेटी नेहा और दोहिते के साथ उस वैन में बैठ गए।
चालक वैन हिरणमगरी के बजाए कृषि कॉलेज के पीछे सुनसान रास्ते पर ले गया। वहां बीच रास्ते वैन रोकी और यशवंत शर्मा, उनकी बेटी से मोबाइल, घड़ी, पर्स सहित सामान की लूटपाट की। जब यशवंत शर्मा ने बदमाशों का विरोध किया, तो बेटी-दोहिती के सामने ही बदमाशों ने यशवंत शर्मा की चाकू मारकर हत्या कर दी थी और मौके से फरार हो गए थे।

पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर उठे थे सवाल
इस घटना ने पर्यटन शहर होने के नाते सभी को स्तब्ध कर दिया था। पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे कि सुबह तड़के शहरवासियों सहित बड़ी संख्या में पर्यटक भी उदियापोल पहुंचते हैं।
ब्लाइंड मर्डर केस होने के चलते पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचना बड़ी चुनौती थी। तत्कालीन डीएसपी भगवत सिंह हिंगड़ और तत्कालीन थानाधिकारी आदर्श कुमार ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया और कड़ी से कड़ी जोड़कर मजबूत साक्ष्यों-गवाहों के साथ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालाश पेश किया था।

हर अभियुक्त को आजीवन कारावास के अलावा कुल 20500 रूपए जुर्माना भुगतना पड़ेगा
- आईपीसी की धारा 302/34 (हत्या) : आजीवन कारावास, 5000 रूपए आर्थिक दंड
- धारा 394 (लूट) : आजीवन कारावास, 5000 रूपए आर्थिक दंड
- आईपीसी की धारा 365 (अपहरण) : 7 साल की सजा, 5000 रूपए आर्थिक दंड
- धारा 201 (साक्ष्य मिटाना) : 7 साल की सजा, 5000 रूपए आर्थिक दंड
- 4/25 आर्म्स एक्ट : 6 माह की सजा और 500 रूपए जुर्माना



