उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। सवीना कृषि मंडी में हुए हादसे को लेकर कांग्रेस शहर जिला कमेटी के निवर्तमान सचिव तरूण भटनागर ने मंडी सचिव पंकज पारीक पर कई सवाल उठाए हैं और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र भेजकर पारीक के निलंबन की मांग की है। तरूण भटनागर ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर समुचे मंडी परिसर और प्रबंधन की जांच करवाएं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करें।
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में तरुण भटनागर ने उदयपुर सवीना मंडी प्रबंधन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं।

- मंडी सचिव ने छत गिरने के प्रकरण में प्रथम तल की स्वीकृति प्रदान की थी तो निर्माणकर्ता द्वारा भूतल की नींव को क्यों तोड़ा गया और मंडी प्रशासन ने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया.?
- मंडी आवंटन नीति में स्पष्ट है कि जिस आवंटनकर्ता को दुकान या लाइसेंस आवंटित किया जाता है, ना कि विक्रय विलेख द्वारा कोई समझौत होता है। तो फिर किस आधार पर मंडी प्रशासन ने मंडी की संपत्ति से छेड़छाड़ करने की अनुमति प्रदान की। संपूर्ण मंडी परिसर की उच्च स्तर की कमेटी जांच करें, अब तक जितने निर्माण कार्य हुए हैं, क्या वह नियमानुसार है..?
- मंडी की आवंटन नीति में स्पष्ट है कि आप अपना लाइसेंस या दुकान किराए पर नहीं दे सकते हैं, तो फिर किस आधार पर दुकानें किराए पर दी जा रही है। छत गिरने के प्रकरण में यह भी सामने आया है कि जिस दुकान नंबर 10 की छत गिरी, वह व्यापारी ने किराए से ली थी, जबकि वह व्यापारी खुद दुकान नंबर 11 नंबर का मालिक भी था।
- मंडी में दुकान या लाइसेंस आवंटन नीति में स्पष्ट है कि आवंटन करता अपना लाइसेंस या आवंटित दुकान को क्रय विक्रय नहीं कर सकता, तो मंडी की दुकानों को क्रय विक्रय करने संबंधी समझौते कैसे हो रहे हैं..?

- क्या मंडी प्रशासन की संपत्ति में कोई निर्माण कार्य होता है, तो वह आम सूचना द्वारा टेंडर प्रक्रिया से होता है या आवंटनकर्ता को अपने स्तर पर निर्माण कार्य कराने का प्रावधान है।
- मंडी की संपत्ति में किसी प्रकार का निर्माण कार्य करना है, तो क्या मंडी प्रशासनिक अधिकारियों में कनिष्ठ या सहायक अभियंताओं से परामर्श नहीं किया जाता या उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्यादेश जारी नहीं होता..?
- मंडी चेक पोस्ट रजिस्टर सहित मंडी का संपूर्ण लेखा जब्त कर ऑडिट करवाई जाए और इसकी भी जांच हो कि क्या मंडी प्रशासन राजस्थान कृषि उपज मंडी कानून की पालना कर रहा है..?




