मेवाड़ सहित देश भर में लोग कर रहे वीर सपूत प्रताप को नमन
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। महाराणा प्रताप की 482 वीं जयंती पर गुरुवार को मेवाड़ सहित देश भर में लोग सुबह से ही प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर सपूत प्रताप को नमन करते नजर आए। उदयपुर में नगर निगम और क्षत्रिय महासभा की अगुवाई में शोभायात्रा निकाली गई।
प्रताप जयंती पर गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महाराणा प्रताप की समाधी स्थल चावंड में पांच करोड़ की लागत से महाराणा प्रताप पैनोरमा बनाने की घोषणा की है। इस पैनोरमा में महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष तथा तत्कालीन मेवाड़ की सभ्यता व संस्कृति का चित्रण किया जाएगा। आसपास के स्थलों को भी विकसित किया जाएगा। चावंड में महाराणा प्रताप का समाधी स्थल तालाब के बीच स्थित होने से बारिश के समय इस स्थान का प्राकृतिक स्वरूप अपने आप में अनुठा नजर आता है।

छोटे मोटे विकास काम जरूर हुए, समग्र विकास होता नजर नहीं आया
उल्लेखनीय है कि महाराणा प्रताप के जीवन के अंतिम पड़ाव से जुड़ा यह स्थल वर्षो से उपेक्षित पड़ा है। यहां छोटे मोटे विकास काम जरूर होते नजर आए, लेकिन महाराणा प्रताप की याद में उनकी समाधी स्थल पर अब तक समग्र विकास होता नजर नहीं आया। ऐसे में यहां पैनोरमा बनने से इस स्थान की खूबसूरती भी बढ़ेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकेेगा।
482 वीं जयंती : मोतीमगरी पर प्रताप को धराया 482 किलो के लड्डू का भोग

मोती मगरी पर पूर्व राजघराने के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने 25 पंडितों के सानिध्य में महाराणा प्रताप की अश्वारूढ़ प्रतिमा के सामने हवन कर प्रताप को नमन किया। महाराणा प्रताप स्मारक समिति की ओर से 482 वीं जयंती पर मोतीमगरी पर महाराणा प्रताप को धराया 482 किलो के लड्डू का भोग धराया गया। महाराणा प्रताप स्मारक समिति के सचिव सतीश कुमार शर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

मोती मगरी पर आमजन का प्रवेश निशुल्क
पूजा अर्चना के बाद आमजन को भी मोती मगरी पर प्रवेश दिया और लोगों ने भी महाराणा प्रताप को नमन किया। आमजन का प्रवेश निशुल्क रखा गया है और मोती मगरी को आकर्षक रोशनी से सजाया भी गया है। गोगुंदा स्थित महाराणा प्रताप की राजतिलक स्थल पर लोगोंं ने महाराणा प्रताप को पुष्पांजलि अर्पित की। बडग़ांव क्षेत्र में स्थित प्रताप गौरव केंद्र पर भी सुबह से लोगों को आना जाना लगा हुआ है।




