शुल्क बढ़ाने की मांग पर किया विरोध, प्राइवेट डेयरियों पर भी नहीं पहुंचा दूध
उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। दूध की रेट बढ़ाने की मांग को लेकर बुधवार को उदयपुर में अजीब रूप में विरोध नजर आया। जगह जगह दूध को सड़क पर बहा दिया गया। इस कारण शहर में स्थित निजी डेयरियों और घरों में दूध नहीं पहुंचा। कई लोग दूध वाले के आना का इंतजार ही करते रह गए।
उदयपुर जिला दुग्ध उत्पादक संघठन आह्वान पर यह विरोध हुआ। शहर में प्रवेश वाले मार्गों पर सुबह से इन लोगों की टोलियां तैनात रही। इनकी सख्ती से न तो दूध की गाडिय़ा शहरी क्षेत्र मे प्रवेश कर पायी, न छोटे-छोटे दूध विक्रता लोगोंं के घरों या निजी डेयरियों तक पहुंच पाए।
रोजाना करीब 50 हजार लीटर दूध शहरी क्षेत्र में सप्लाई होता है

मल्ला तलाई चौराहा, बलिचा, गोवर्धन विलास, सविना, देबारी, प्रतापनगर, आरके चौराहा भुवाणा और साईफन चौराया पर टौलियां मुश्तैद रही। जो भी दूध लेकर शहर की तरफ आता नजर आया उसे नाके पर ही रोक लिया गया और दूध को सडक़ पर बहा दिया गया। इस कारण शहरी क्षेत्र में स्थित अधिकांश प्राइवेट डेयरियों और लोगों के घरों तक दूध की सप्लाई नहीं हो पायी।
इस विरोध से जुड़े लोगों के अनुसार शहर में पशुपालकों द्वारा शहर में प्राइवेट डेयरी व घरों में प्रतिदिन करीब 50 हजार लीटर दूध सप्लाई होता है। ये लोग दूध की रेट बढ़ाने की कई दिनों से मांग कर रहे है।
ऐसे बहाया गया सड़कों पर दूध..देखें वीडियो
उदयपुर जिला दुग्ध उत्पादक संघ के संरक्षक नरेन्द्र सिंह राणावत,अध्यक्ष जमना लाल माली सलाहकार नरेन्द्र सिंह शेखावत, उपाध्यक्ष गौरी शंकर नागदा व महेंद्र सिंह राणावत हेमेंद्र सिंह दावना महामंत्री चंद्रशेखर गुर्जर, संघटन मंत्री मोहन नागदा, बलबीर सिंह चौधरी, देवेन्द्र पालीवाल व गोपीलाल डांगी की मौजूदगी में एक दिन पहले हुई बैठक में तय किया गया कि दूध की लागत मूल्य के अनुसार दर तय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। दूध की उचित दर नहीं मिली तो पशुपालक खुद हर चौराहे पर बूथ लगाकर दूध बेचेगा।



